पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने किसानों तक आधुनिक पशुपालन तकनीकों को पहुंचाने के उद्देश्य से सितारगंज के पैरपुरा गांव में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को उन्नत पशुपालन, पशु स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. डी कुमार ने गोपालकों को गाय एवं बछड़ों की वैज्ञानिक देखभाल, आवास प्रबंधन और उन्नत पशुपालन पद्धतियों की जानकारी दी। निदेशक शोध डॉ. संजय कुमार वर्मा ने आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कश्यप ने पशुपालकों से संवाद करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन अपनाने पर जोर दिया। परियोजना अधिकारी डॉ. बृजेश सिंह ने प्रशिक्षण का संचालन किया, जबकि डॉ. बीएन शाही ने परियोजना के उद्देश्यों और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।
प्राध्यापक डॉ. एके घोष ने गाभिन पशुओं की प्रसव पूर्व एवं प्रसवोपरांत देखभाल, एमेरिटस प्राध्यापक डॉ. शिव प्रसाद ने गायों में ऋतु चक्र की पहचान, कृत्रिम गर्भाधान के उपयुक्त समय तथा जनन तंत्र संबंधी रोगों की रोकथाम पर जानकारी दी। वहीं, सह प्राध्यापक डॉ. रिपुसूदन कुमार ने संतुलित पशु आहार तैयार करने और नवजात बछड़ों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण के समापन पर कुलपति डॉ. कश्यप ने प्रतिभागी पशुपालकों को खनिज मिश्रण, कैल्शियम, लीवर टॉनिक, फीडिंग बाउल तथा आंतरिक एवं बाह्य कृमिनाशक दवाओं का वितरण किया। कार्यक्रम में पंजीकरण की जिम्मेदारी आराधना फुलार और सुनील ने निभाई जबकि सामग्री वितरण का दायित्व शिवांशु तिवारी ने संभाला।