विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए शांति कमेटी की जिलास्तरीय बैठक हुई, जिसमें पूरे जिले से आए धर्म गुरुओं ने क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की। डीएम ने कहा कि इसका ध्यान रखा जाए कि धार्मिक स्थलों का राजनैतिक इस्तेमाल न हो। ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को शांति कमेटी की बैठक में डीएम, डीआईजी और एसएसपी की मौजूदगी में धर्मगुरुओं ने अपनी बात रखी। डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर न भरोसा करें न आगे बढ़ाएं, बल्कि अफवाहों को रोकें। उन्होंने कहा कि सांप्रादायिक माहौल खराब होने से बचाने के लिए अफवाहों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि सांप्रादायिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने धर्मगुरुओं से लोगों को पालतू पशुओं को सड़क पर न छोडे़ जाने के लिए प्रेरित करने को कहा।
डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने कहा सभी लोग आदर्श आचार संहिता, धारा-144 का पालन करें। उन्होंने कहा हम सबको मिलकर कार्य करना है, जनपद का माहौल न बिगडे इसके लिए आस-पड़ोस के मामलों पर जागरूक रहें। रुद्रपुर के शिवानंद बाबा ने कहा कि जिला मुख्यालय में ही रहने वाले करीब 60 फीसद लोगों का सत्यापन नहीं है। कौन व्यक्ति कहां से आकर बसा है, इसका कोई हिसाब नहीं है, जबकि मकान मालिकों को सिर्फ किराये से मतलब रह गया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, एडीएम डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी ममता बोहरा, गदरपुर नगर पालिका अध्यक्ष गुलाम गौस, धार्मिक संस्थान से लक्खा सिंह, नासिर खान, शम्सुल हक, बलविन्दर सिंह, सोमपाल सिंह, मुनव्वर अली, अनवार हुसैन, डॉ. सोनू खान, मनजीत सिंह, जसपाल सिंह, फरीद बाबा, बाबूखान, आरिफ अंसारी, नब्बी रजा, शंकर मंडल, राजकुमार गगनेजा, सुरेंद्र, अमानुल हक कादरी, शिवानंद आदि उपस्थित थे।