लखनऊ से खटीमा लौट रहे एक सीआरपीएफ के जवान को रास्ते मं जहरखुरानी गिरोह ने लूट लिया, लेकिन मित्र की सतर्कता से देर शाम जवान सुरक्षित घर पहुंच गया।
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महोलिया निवासी दल बहादुर चंद सीआरपीएफ में लखनऊ में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। वह सोमवार को अवकाश पर घर आ रहे थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे बस में सवार होते हुए उन्होंने परिजनों को फोन किया था, लेकिन मंगलवार सुबह तक वह घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उन्हें फोन किया ताे वह कुछ बहकी बहकी बातें कर रहे थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे उन्हें किसी ने नशा दिया है। परिजनों ने बताया कि वह हदृय रोगी हैं और उनको पेसमेकर लगा हुआ है।
उनके बड़े भाई अमाऊं निवासी पूर्व सैनिक अमर चंद ने कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान मंच के महासचिव भुवन चन्द्र भट्ट को घटना के बारे में बताया। जिस पर भुवन भट्ट ने फोन पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी मंजूनाथ को फोन पर पूरा वाक्या बताकर मोबाइल नंबर का लोकेशन ट्रेस करने की मांग की। मोबाइल की लोकेशन रामपुर की मिली। एसएसपी ने एसएसआई अशोक कुमार को पीड़ित परिवार की मदद के लिए कहा। एसएसआई ने दरोगा विजय बोरा और सिपाही दीपक को परिजनों के साथ रामपुर के लिए रवाना कर दिया।
रामपुर में पेट्रोल पंप के पास सीआरपीएफ जवान बेहोशी की हालत में मिले। जांच में उनके जहरखुरानी गिरोह का शिकार होने की जानकारी मिली। मंगलवार देर शाम उन्हें खटीमा उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उनके जेब से एटीएम व नगदी गायब मिली। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन सीआरपीएफ जवान को घर ले गए। कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान मंच व सीआरपीएफ जवान के परिजनों ने पुलिस का आभार जताया।