देश में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण के चलते धीरे-धीरे जमीनें बंजर होती जा रही हैं। आने वाले समय में संकट उत्पन्न होगा कि बंजर जमीन को कैसे उपजाऊ बनाया जाए, ताकि उस पर खेती कर लोगों के अनाज की उपलब्धता पूरी होती रहे। इसके लिए पंत विवि की एक शोध छात्रा ने प्राकृतिक बायो फाइबर से सस्टेन रिलीज हर्बिसाइड कैप्सूल बनाने में सफलता हासिल की है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय स्थित सीबीएसएच काॅलेज के रसायन विज्ञान विभाग में प्राध्यापक डाॅ. एमजीएच जैदी और डाॅ. समीना महताब के मार्गदर्शन में शोधरत छात्रा ज्योति माहेश्वरी ने कोकोपिट और आसानी से उपलब्ध बायो फाइबर से हर्बिसाइड कैप्सूल बनाया है। इससे किसानों को बंजर भूमि उपजाऊ बनाने के लिए जो कार्य दो चरणों में करना पड़ता था, वह अब कम समय में पूरा होगा। सासाथ ही श्रम और पैसों की बचत भी होगी। इस शोध कार्य को उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने वूमन इन साइंस एंड इंजीनियरिंग ’किरन’ परियोजना के तहत शोध छात्रा ज्योति को फेलोशिप प्रदान की है। डीएसटी की ओर से यह फेलोशिप संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध के लिए 27 से 40 वर्ष की महिलाओं को प्रदान की जाती है। इतना ही नहीं, पंतनगर विवि अब इस नए शोध तकनीक का पेटेंट भी दाखिल करने जा रहा है।
ऐसे आया विचार
शोध छात्रा ज्योति ने बताया कि बढ़ते औद्योगीकरण से जमीनें बंजर होती जा रही हैं। इससे आने वाले समय में खेती कहां की जाएगी और लोगों के अनाज की उपलब्धता कैसे पूरी होगी। अब तक बाजार में उपलब्ध हर्बिसाइड या सोल्यूशंस सभी सिंथेटिक होते हैं जिनका कार्य बंजर जमीन को उपजाऊ बनाना होता है। उनको विचार आया कि वह बंजर जमीन में नमी उत्पन्न करने के लिए उसमें हर्बिसाइड का प्रयोग करेंगी। यह प्राकृतिक फाइबर नमी या पानी बहुत अधिक अपडेट करते हैं। उन्होंने उत्पाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की और कोकोपिट एवं प्राकृतिक फाइबर से सस्टेन रिलीज हर्बिसाइड कैप्सूल बनाने में सफलता हासिल कर ली। संवाद
ऐसे काम करेगा कैप्सूल