सितारगंज। पिछले चार साल में प्रदेश में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में 1,650 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड 11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। पहली बार उत्तराखंड ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में पांच मीट्रिक टन ट्राउट का निर्यात कर नई उपलब्धि हासिल की है।
शुक्रवार को शक्तिफार्म में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि वर्ष 2022 में राज्य में 10,111 मत्स्य पालक थे, साल 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 15,657 हो गई है। इसमें 3,584 महिला मत्स्य पालक शामिल हैं। महिला मत्स्य पालकों के लिए 60 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था करने से उनकी संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि साल 2012-17 के बीच मत्स्य उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर मात्र दो प्रतिशत थी, जो 2022-26 में बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई। साल 2021-22 में मत्स्य विभाग का औसत वार्षिक बजट 55.76 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 261.41 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में लगभग 368 प्रतिशत की वृद्धि से मत्स्य पालन गतिविधियों को नई गति मिली है। बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 35 मत्स्य पालकों को वर्ष 2025-26 में 63.37 लाख रुपये का क्लेम प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 317.24 करोड़ रुपये की योजनाओं के माध्यम से हजारों लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। अब तक 3,379 मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए जा चुके हैं। छह फिशर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफएफपीओ) तथा 134 मत्स्य सहकारी समितियों का गठन किया गया है। संवाद