विजिलेंस टीम ने शुरू की पूछताछ
विजिलेंस टीम ने प्रभारी सचिव और दोनों शिकायतकर्ताओं से इस संबंध में पूछताछ देर रात जारी रही। जैसे ही इस मामले की जानकारी समिति के आढ़तियों व कर्मियों को लगी परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के संबंध में जानकारी जुटाने बड़ी संख्या में लोग समिति कार्यालय के बाहर जमा हो गए। इस दौरान पुलिस टीम ने किसी को भी समिति कार्यालय गेट से अंदर नहीं घुसने दिया। समाचार लिखे जाने तक विजिलेंस टीम की कार्रवाई जारी थी। अभी विजिलेंस टीम की ओर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिलहाल टीम मंडी समिति के प्रभारी सचिव से पूछताछ कर रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
आठ महीने रह गए थे सेवानिवृत्ति के
विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक समिति के प्रभारी सचिव पूरन सिंह सैनी लगभग 7-8 महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। लगभग दो महीने पहले ही पूरन सिंह सैनी ने समिति में प्रभारी सचिव का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह यहां पर लगभग 15-20 साल अकाउंटेंट के पद पर कार्य कर चुके हैं।
अपने पहले कार्यकाल में भी रह चुके हैं चर्चा में
फल-सब्जी मंडी समिति के अध्यक्ष शफायत चौधरी व शकील चौधरी ने बताया कि जब पूरन सिंह सैनी यहां अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे तब वह बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करते थे। इस संबंध में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। बताया कि वह अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी व्यापारियों में चर्चा में रहते थे।
लाइसेंस रिन्यूवल के रुपये हैं तय
मंडी समिति के दुकानदारों ने बताया कि लाइसेंस रिन्यूवल की विभागीय फीस लगभग 250 रुपये है। जबकि यह लोग लाइसेंस के नाम पर मोटी रकम की मांग करते हैं। दुकानदारों ने बताया कि फल मंडी के दुकानदारों से 60 हजार रुपये तक और अनाज मंडी में 35 हजार रुपये तक रिश्वत लेकर लाइसेंस रिन्यूवल करने का खेल चल रहा है।