रुद्रपुर। औद्योगिक मानचित्र पर सिडकुल एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। एथेनॉल उत्पादन से लेकर ऑटो पार्ट्स, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तक करीब 70 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयों के प्रस्ताव तैयार हैं। इन निवेशों से आने वाले समय में लगभग 25 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी स्तर पर मिल रहे प्रोत्साहन, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक नीतियों के चलते निवेशकों का रुझान सिडकुल की ओर तेजी से बढ़ा है।
यहां एथेनॉल आधारित उद्योग केंद्र सरकार की हरित ऊर्जा और जैव ईंधन नीति के तहत अहम भूमिका निभा रहे हैं। इससे न सिर्फ किसानों को लाभ होगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
ऑटो पार्ट्स सेक्टर में कई बड़ी और मझोली कंपनियां अपने प्लांट लगाने की तैयारी में हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और अर्ध-कुशल नौकरियों के नए द्वार खुलेंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के आने से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस पर अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और जमीन आवंटन व बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य तेज कर दिए गए हैं।
सिडकुल प्रबंधन का दावा है कि आने वाले एक-दो वर्षों में कई इकाइयां उत्पादन शुरू कर देंगी। जानकारों का मानना है कि यदि प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया तो यह निवेश क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, सिडकुल में प्रस्तावित यह नया औद्योगिक विस्तार उत्तराखंड के लिए रोजगार, निवेश और विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है।
सिडकुल में नए उद्योगों को स्थापित करना पहले की अपेक्षा बेहद आसान हो गया है। पिछले साल करीब सवा सौ से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियों ने सरकार के साथ एमओयू किया है। परिणामस्वरूप अब कई कंपनियों ने निर्माण कराना भी शुरू कर दिया है। यहां करीब 70 नए उद्योग औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित हाेंगे।
- अमित कुमार, फार्मा कारोबारी
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जिले में सिडकुल की स्थापना के बाद से निश्चित ही रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इस बार तमाम कंपनियों के स्थापित होने से यहां करीब 25 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यहां स्थापित होने वाली कंपनियों में से 50 प्रतिशत कंपनियों के इसी साल के अंत तक संचालित होने की उम्मीद है।
-अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन