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यूपी-झारखंड के माओवादियों का संपर्क सूत्र था देवेंद्र

Thu, 05 Oct 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
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13 साल बाद पुलिस की पकड़ में आये अल्मोड़ा के माओवादी देवेंद्र चम्याल ने यूएस नगर पुलिस को पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां दी है। सितारगंज पुलिस द्वारा देवेंद्र को दो दिन की रिमांड पर लिया गया था। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को सिडकुल चौकी में दो घंटे तक देवेंद्र से पूछताछ की। 2007 में उत्तराखंड से फरार होने के बाद देवेंद्र ने झारखंड में माओवादियों की शरण ली। उसने बताया कि वह झारखंड के माओवादियों और यूपी और उत्तराखंड के माओवादियों के बीच संपर्क सूत्र था। देवेंद्र ने झारखंड में आदिवासी बच्चों को पढ़ाया भी था।
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पुलिस की पकड़ में आए 50 हजार के ईनामी बदमाश देवेंद्र से बुधवार को सितारगंज पुलिस ने पूछताछ की। रुद्रपुर की सिडकुल चौकी में स्थानीय पुलिस के साथ ही अभिसूचना तंत्र दो घंटे तक देवेंद्र से पूछताछ में जुटा रहा। देवेंद्र ने इस बात का खुलासा किया कि उत्तराखंड से झारखंड जाने के बाद उसने माओवादियों से संपर्क किया और झारखंड के माओवादी संगठन ने यूपी के आजमगढ़ सहित कई क्षेत्रों में सूचना लाने और ले जाने की जिम्मेदारी उसे दी। देवेंद्र के अनुसार उसे कभी डाक देने वाले व्यक्ति के बारे में नहीं बताया गया। डाक डिलीवरी के दौरान उसे आने जाने का खर्चा दिया जाता था। यूपी से ही उसने गदरपुर क्षेत्र के रचपुरा एक और दो में भी कोरियर के माध्यम से डाक भेजी। डाक में कभी संगठन के पत्र तो कभी पत्रिकाएं होती थी। झारखंड में उसने शस्त्रों का प्रशिक्षण भी लिया। देवेंद्र के अनुसार उत्तराखंड में की गई किसी भी माओवादी गतिविधि में वह शामिल नहीं रहा। फिलहाल पुलिस बृहस्पतिवार को भी देवेंद्र से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
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 1992 में जुड़ा था माओवादियों से 
रुद्रपुर। लंबे समय तक पुलिस को चकमा देकर फरार रहे अल्मोड़ा के देवेंद्र चम्याल ने अल्मोड़ा से ही 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद देवेंद्र पनारथ परियोजना में काम करने लगा। 1992 में अल्मोड़ा की ही एक दुकान में काम करने के दौरान देवेंद्र माओवादियों के संपर्क में आया और यहीं से कुछ समय बाद उसकी माओवादी गतिविधियां शुरू हो गई। इसी दौरान अल्मोड़ा और बिंदुखेड़ा में उसने अपने संपर्क में माओवादी विचारधारा के लोगों को शामिल कर लिया।
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