जसपुर में धरना प्रदर्शन करते विधायक।
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उत्तराखंड परिवहन निगम के अस्थाई बस स्टेशन पर पिता के स्थान पर पुत्र को ड्यूटी करता देख विधायक भड़क गए और वही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही एआरएम मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्टेशन पर तैनात दोनों कर्मचारियों को हटाकर दूसरे कर्मचारियों को वहां तैनात कर दिया। साथ ही कार्रवाई का भी आश्वासन दिया, तब विधायक ने धरना खत्म किया।
बता दें कि तीन माह पूर्व विधायक आदेश चौहान ने नगर में रोडवेज बस अड्डा न होने के कारण जीजीआईसी के निकट यात्री प्रतीक्षालय को अस्थाई बस अड्डे का परिवहन निगम से दर्जा दिलाया था। तभी से काशीपुर से देहरादून आने जाने वाली बसें यात्री प्रतीक्षालय पर रुककर यात्रियों को बैठाती उतारती थीं। परिवहन निगम के दो कर्मचारी भजन सिंह एवं जुबैर अहमद को वहां तैनात किया था। वे बसों की आवागमन की आख्या रजिस्टर में अंकित करते थे। बुधवार को बसों के न रूकने की शिकायत मिलने पर विधायक आदेश चौहान ने यात्री प्रतीक्षालय का निरीक्षण किया तो पाया कि भजन सिंह के स्थान पर उनका पुत्र ड्यूटी कर रहा है।
जुबैर ड्यूटी पर नहीं मिले। कुछ समय बाद भजन ने आकर विधायक को बताया कि वह दवाई लेने गए थे अपने पुत्र को बैठा गए थे। इस पर विधायक भड़क गए और वहीं धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर एआरएम इंद्रासन ने पहुंचकर विधायक को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विधायक ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया। एआरएम इंद्रासन ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। दोनों कर्मचारियों को हटाकर उनके स्थान पर दूसरे कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।