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प्रेमिका के उकसाने पर मंजीत ने की थी चंद्रपाल की हत्या

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काशीपुर। प्रेम संबंधों के आड़े आने पर प्रेमिका (चाची) के उकसाने पर ही मंजीत ने अपने रिश्ते के ताऊ चंद्रपाल की हत्या की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली है।
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कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम टीला निवासी चंद्रपाल (46) की 14/ 15 जून की रात सिर में ईंट मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय चंद्रपाल अपने घेर (पशुशाला) में सो रहा था। मृतक के पुत्र सचिन ने अपनी एक नजदीकी रिश्तेदार और रिश्ते के भाई मंजीत पर हत्या का संदेह व्यक्त किया था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बुधवार को घटना का खुलासा करते हुए एएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि चंद्रपाल के छोटे भाई रामपाल ने गाजीपुर (यूपी) निवासी महिला से विवाह किया था। उसके चार बच्चे हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से महिला की अपने रिश्ते के जेठ के बेटे के साथ नजदीकियां बढ़ गईं। मामला उजागर होने पर दोनों ने खुलकर अपने प्रेम संबंध स्वीकार लिए थे। रामपाल के बड़े भाई चंद्रपाल ने इन संबंधों का विरोध किया। इसे लेकर चंद्रपाल की मंजीत के साथ हाथापाई तक हुई। एएसपी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण दोनों काफी समय से मिल नहीं पा रहे थे। इस पर दोनों ने बाहर जाकर आपस में शादी कर लेने की बात कही। 13 जून को दोनों घर से चले गए। सोमवार को दोनों घर लौटे। रात करीब दस बजे मंजीत पेपर मिल में ड्यूटी करने चला गया। मशीनों में तकनीकीखराबी के कारण मशीनें बंद होने से वह फैक्टरी के पिछले दरवाजे से बाहर निकला और चंद्रपाल की हत्या कर फिर फैक्टरी चला गया। पुलिस ने मंजीत और उसकी प्रेमिका (चाची) को गिरफ्तार कर लिया है।
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मुरादाबाद से लौटते हुए रची हत्या की साजिश
काशीपुर। शादी करने के इरादे से घर छोड़ गए मंजीत और उसकी प्रेमिका को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी कर्मियों ने संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। उनके हावभाव से प्रतीत हो रहा था कि दोनों पति-पत्नी नहीं है। मंजीत ने प्रेमिका को चाची बताते हुए फोन पर अपनी बुआ की नातिन से जीआरपी पुलिस कर्मियों की बात कराई। इस पर पुलिस ने दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। प्रेमिका को इस बात का डर था कि गांव लौटने पर जेठ चंद्रपाल फिर से बखेड़ा खड़ा करेगा। लौटते हुए प्रेमिका ने मंजीत को उलाहना दिया कि तेरे खातिर में सभी से लड़ चुकी हूूं लेकिन तुमसे चंद्रपाल का कुछ नहीं बिगाड़ा। इस पर मंजीत ने उसे चंद्रपाल को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देने का भरोसा दिलाया। फैक्टरी में आई तकनीकी खराबी का फायदा उठाकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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