काशीपुर। दिल्ली रूट पर डग्गामार बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इसकी न परिवहन विभाग के अधिकारियों को परवाह है और न ही यातायात पुलिस को। हालात ऐसे हैं कि डग्गामार वाहनों की वजह से रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम होने लगी है। इससे परेशान रोडवेज प्रशासन ने डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। ।
काशीपुर, रामनगर डिपो से दिल्ली रूट पर रोडवेज बसों का संचालन होता है। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में कमाई भी दिल्ली रूट पर टिकी हुई है। इस वजह से दिल्ली रूट पर काशीपुर डिपो की 18 और रामनगर डिपो की 20 बसों का संचालन होता है। पिछले आठ से नौ महीने में दिल्ली रूट पर बसों की इनकम घट गई है। रोडवेज कर्मचारियों की यूनियन की ओर से समय-समय पर डग्गामार बसों पर कार्रवाई की मांग की जाती रही है। बावजूद इसके डग्गामार बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन बसों की सुरक्षा का आलम यह है कि इनमें कई के टायर पुराने हो चुके हैं और फिटनेस तक अधूरी है। कई बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स तक की सुविधा नहीं है।
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कम किराये पर सवारियां ले जा रहे
डग्गामार बसों की बात करें तो यह रोडवेज से कम किराये पर सवारियों को ले जा रहे हैं। दिल्ली से काशीपुर तक यह बसें 300 रुपये में सवारियों को लेकर आ रही हैं। ऐसे में रोडवेज को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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यह है रोडवेज का किराया
हल्द्वानी से दिल्ली 275 किमी - 475 रुपये किराया
रामनगर से दिल्ली 255 किमी- 400 रुपये किराया
काशीपुर से दिल्ली 225 किमी- 360 रुपये किराया
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डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। पिछले दो से तीन माह में कई डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की गई है। आगामी दिनों में अभियान को और तेज किया जाएगा।
- संदीप वर्मा, एआटीओ प्रवर्तन