रुद्रपुर। चूल्हा जलाने की मजबूरी ने एक बुजुर्ग मां की जान ले ली। पंतनगर की मैना देवी को दो दिन तक सिलिंडर नहीं मिला तो वह लकड़ी लेने जंगल चली गईं। सांप कठानी क्षेत्र में टस्कर हाथी ने बेटी के सामने उन्हें पटक कर बेदम कर दिया।
मैना देवी (69 वर्ष) का परिवार पंतनगर की झा कॉलोनी में रहता है। बेटे कृष्ण ने बताया कि तीन दिन पहले घर में रसोई गैस खत्म हो गई। दो दिन तक एलपीजी सिलिंडर का इंतजार करते हुए किसी तरह काम चलाया गया। तीसरे दिन मैना के सामने परिवार की खातिर लकड़ी बीनने जाने की मजबूरी खड़ी हो गई। शुक्रवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे मैना अपनी बेटी और एक महिला के साथ जंगल में गईं। दोपहर लगभग दो बजे लकड़ी इकट्ठा करते समय अचानक एक टस्कर हाथी नजदीक आ गया। वह आक्रामक होकर उनके पीछे दौड़ा और बेटी की आंखों के सामने मार डाला।
परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर सिलिंडर मिल जाता तो मां की मौत नहीं होती। इस घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों में भी इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है। घटना की जानकारी मिलते ही तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ यूसी तिवारी व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
बेटी को बचाने के लिए खुद को खतरे में डाला
हाथी ने जब लकड़ी बीनने गई महिलाओं का पीछा किया तो तीनों की जान पर बन आई। मैना उम्र के उस पड़ाव से गुजर रही थी जहां से दौड़ना मुमकिन नहीं था। उन्होंने अपनी बेटी और दूसरी महिला को जान बचाकर भाग जाने के लिए कहा। दोनों वहां से खत्तों की ओर भागने लगीं। तभी हाथी ने मैना को घेर लिया और सूंड से पटककर मार दिया।
ग्रामीण बोले, तीन लोगों की जान ले चुका हाथी
हमले के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों में आक्रोश था। उनका कहना था कि हाथी दो दिन में तीन लोगों की जान ले चुका है। सांप कठानी क्षेत्र में गुरुवार को लालकुआं के दो व्यक्तियों को हाथी ने मौत के घाट उतार दिया था। मैना देवी को हाथी ने पहले वाले घटनास्थल से 50 मीटर दूरी पर मार डाला। इस बात को वन विभाग ने भी स्वीकार किया लेकिन अभी पुष्टि नहीं हुई है कि हाथी वही है या नहीं। आसपास के लोगों ने आशंका जताई जा रही है कि दो लोगों को मारने वाले हाथी ने ही मैना पर हमला किया।
पति की माैत के बाद संभाली परिवार की जिम्मेदारी
मैना देवी का जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा। कई वर्ष पहले उनके पति का निधन हो गया था। उन्होंने अकेले ही अपने बच्चों का पालन-पोषण किया। मैना देवी ने अपनी दो बेटियों और एक बेटे की शादी भी की। उनका बेटा कृष्ण कुमार अब परिवार की जिम्मेदारी संभालेगा। बेटा पंतनगर इंटर कॉलेज में चौकीदार है।
मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। जलौनी लकड़ी के लिए जंगल में न जाएं। लकड़ी की व्यवस्था वन विभाग ग्रामीणों को करके देगा। - यूसी तिवारी, डीएफओ