रुद्रपुर जिला अस्पताल का सूना पड़ा कक्ष। संवाद
रुद्रपुर। करीब 22 लाख आबादी की स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी वाले जिला अस्पताल में दीपावली से पहले से चरमराई अल्ट्रासाउंड व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौटी है। अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट के 18 से 31 अक्तूबर तक अवकाश पर होने से सामान्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। सभी गर्भवतियों के भी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ तत्काल जरूरत वाली गर्भवतियों के ही ऑपरेशन कर रही हैं।
मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था की पड़ताल की। सुबह 9.05 बजे नगर के रम्पुरा निवासी गर्भवती सावित्री (28) आशा कार्यकर्ता के साथ अस्पताल परिसर में खड़ी थी। आशा कार्यकर्ता ने बताया कि सावित्री के पेट में छह माह का गर्भ है। अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया।
सुबह 9.34 बजे अल्ट्रासाउंड कक्ष सूना पड़ा था। हालात देखकर लग रहा था कि कक्ष की सफाई हुई थी। कक्ष के बाहर काशीपुर के बरखेड़ा निवासी एक युवक अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ खड़ा था। युवक के पिता वीर सिंह (55) और माता विमला देवी (54) लंबे समय से हो रहे पेट दर्द के कारण अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। रेडियोलॉजिस्ट कक्ष में मौजूद नर्स से अल्ट्रासाउंड करने की गुहार लगा रहे थे। नर्स रेडियोलाॅजिस्ट न होने की जानकारी दे रही थी।
अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ता के साथ खड़ी नगर के ट्रांजिटकैंप निवासी नौ माह की गर्भवती रोशनी (24), कृष्णा कालोनी निवासी प्रीति (25) ने बताया कि वह लोग सुबह करीब आठ बजे अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। रेडियोलाॅजिस्ट के न होने से अल्ट्रासाउंड की वेटिंग लिस्ट सौ के करीब पहुंच गई है।
-कोट:
विशेष आवश्यकता वाली गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सतवंत कौर कर रही हैं। एक अक्तूबर को रेडियोलॉजिस्ट अवकाश से लौट आएंगे। सामान्य मरीजों के भी अल्ट्रासाउंड होने लगेंगे। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ यूएस नगर
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