दो दशक से लगातार अपना स्वरूप खो रही प्रमुख नदियों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए जिला प्रशासन उनके सर्वेक्षण और सीमांकन की तैयारी में जुट गया है। इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से सभी 13 जिलों में बहने वाली नदियों के सीमांकन और उनके सर्वेक्षण के निर्देश भी जारी हो गए हैं। इसी को देखते हुए 26 जुलाई को जिले के आला अधिकारियों की बैठक होने वाली है। बैठक डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में होगी।
सिंचाई विभाग रुद्रपुर के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार बसलियाल ने बताया कि विभाग ने भी जिले की 22 नदियों के सर्वेक्षण में होने वाले 465 लाख रुपये के खर्च का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले तीन साल में जिले की नदियों को पुराना स्वरूप मिलने लगेगा। इन नदियों के आसपास की जमीन की भी पैमाइश होगी, क्योंकि दो दशक के अंतराल में नदियों के किनारे खेती होने लगी है।
शहरी क्षेत्र से निकलने वाली नदियों के किनारे किए गए निर्माण कार्यों की भी नापजोख की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने बाकायदा समिति भी गठित की है। इसमें मुख्य सचिव-अपर मुख्य सचिव अवस्थापना विकास को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सदस्य में प्रमुख सचिव सहित सचिव सहित सिंचाई विभाग, सचिव राजस्व, सचिव शहरी, सचिव वन, मुख्य अभियता सिंचाई, निदेशक आईआईटी रुड़की सहित कई सदस्य शामिल हैं।
ऊधमसिंह नगर की 22 मुख्य नदियों का क्षेत्रफल विवरण