लोकसभा चुनाव को लेकर वर्ष 1996 में गांधी पार्क में हुई जनसभा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उत्तराखंड राज्य आंदोलन के विरोध का भी सामना करना पड़ा था। उस समय अटल ने अपने ही अंदाज में माहौल को संभाला था।
जनता की सेवा करो, पार्टी को मजबूत बनाओ
रुद्रपुर। पूर्व में भाजपा में सक्रिय रहे यशपाल घई ने भी अटल बिहारी वाजपेयी से हुई मुलाकात को साझा किया। बताया कि वर्ष 1981 में वे भाजपा जिला महामंत्री नैनीताल थे। इसी दौरान बाजपुर में हुई एक जनसभा में उनकी अटल जी से मुलाकात हुई थी। अटल जी ने उनसे कहा था कि जनता की सेवा करो। सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करके पार्टी को मजबूत बनाओ।
‘कार्यकर्ताओं से सहयोग के साथ-साथ थैली भी मिल जाती है’
रुद्रपुर। भाजपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष और अग्रवाल सभा के अध्यक्ष महेश अग्रवाल बताते हैं कि जनसंघ में सक्रिय उनके दादा स्व. लाला बद्री प्रसाद के गल्ला मंडी स्थित आवास पर वर्ष 1980 में अटल जी ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। उनके लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। इस पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा था कि संपर्क के दौरान कार्यकर्ताओं से सहयोग और थैली (चंदा) भी मिल जाती है। कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने पर उन्होंने जनसभा को संबोधित भी किया था।
महेश बताते हैं कि वे उस समय छोटे थे। उन्होंने और उनके चाचा पवन अग्रवाल ने डायरी आगे बढ़ाते हुए अटल जी से उनके लिखी कविता या आटोग्राफ मांगे थे। इस पर अटल ने कहा कि मेरी कोई कविता या वक्तव्य आपको याद है। इस पर चाचा ने ‘मैं रो लेता हूं जब कोई कहीं नहीं होता, दूर कहीं कोई रोता है।’ उन्हें अच्छी तरीके से याद है कि अटल जी ने उसी के नीचे लिखा कि ‘मैं भी रोता जब कोई कहीं नहीं होता, दूर कहीं कोई रोता है...।’