सितारगंज। एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को टीम ने बाराकोली रेंज के तहत गांव कल्याणपुर से दो वन्यजीव तस्करों को हाथी के एक दांत के साथ गिरफ्तार किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है।
मंगलवार को एसएसपी (एसटीएफ) अजय सिंह ने बताया कि सितारगंज में वन्यजीवों के अंगों और हाथी दांत की अवैध तस्करी होने की सूचना मिली थी। इस पर एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट को वन्यजीव तस्करों की धरपकड़ के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बाद सोमवार रात को एसटीएफ ने बाराकोली रेंज के वनकर्मियों के साथ गांव कल्याणपुर में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने शक्तिफार्म के गांव गुरुग्राम निवासी मृत्युंजय हालदार (32) और माणिक मंडल (35) को हाथी के एक दांत के साथ पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि बरामद हाथी के दांत की लंबाई 3.3 फीट, गोलाई 13 इंच और वजन 7.820 किलो है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाथी दांत और हाथी के अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल हैं और इनकी तस्करी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
इधर, रेंजर कैलाश चंद्र गुणवंत ने बताया कि दोनों वन्यजीव तस्करों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में एसटीएफ टीम से निरीक्षक विकास चौधरी, एसआई विपिन चंद्र जोशी, एसआई कृष्ण गोपाल मठपाल समेत कई पुलिसकर्मी तथा बाराकोली रेंज से वन दरोगा राम निषाद, सरजीत सिंह जगदीश पंत शामिल रहे। संवाद
-वर्जन
पूछताछ में एसटीएफ को कई अहम जानकारियां मिली हैं जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अजय सिंह एसएसपी, एसटीएफ
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गिरोह में और भी लोग शामिल होने की आशंका
विभागीय सूत्रों से पता चला है कि इस गिरोह में शक्तिफार्म व आसपास के इलाकों में रहने वाले और भी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है। चर्चा है कि धर-पकड़ वाले दिन इन आरोपियों के साथ और भी कई लोग थे। जो किसी तरह बचकर भागने में कामयाब हो गए।