काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय की व्यस्थाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। अस्पताल में तीन सक्शन मशीन में से दो खराब पड़ी हैं। एक काम तो करती है, लेकिन ठीक ऑपरेशन के दौरान वह भी दगा दे जाती है। बीच ऑपरेशन में चिकित्सकों को तार जोड़कर पहले उसे ठीक करना पड़ता है। बार-बार मांग करने के बाद भी नई मशीनें खरीदी नहीं जा रही है।
अस्पताल में काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, रामनगर और यूपी क्षेत्र से मरीज इलाज को पहुंचते हैं। यहां रोजाना आठ से दस मरीजों के ऑपरेशन किए जाते हैं। अस्पताल की सामान्य ओटी में रखी खराब सक्शन मशीनें ऑपरेशन में बाधक बन रही हैं। जुगाड़ से चलने वाली एक मशीन के सहारे चिकित्सकों को ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। कई बार इससे देरी भी हो जाती है। ओटी में रखे गए अन्य उपकरण भी कई साल पुराने होने से अक्सर समस्या पैदा हो जाती है। बीते 17 जून को चिकित्सा प्रबंधन समिति की सीडीओ के समक्ष इस समस्या को रखा गया था। बावजूद इसके अभी तक समस्या जस की तस है। अस्पताल प्रबंधन मात्र 25-30 हजार रुपये मिलने वाली मशीन की खरीद तक नहीं कर पा रहा है।
इनसेट
सक्शन मशीन का कार्य
ओटी में सक्शन मशीन का मुख्य प्रयोग सर्जरी के दौरान बह रहे खून, शरीर के तरल पदार्थों और मवाद को साफ करने के लिए किया जाता है। यह चीरे वाली जगह से खून और फ्लुइड्स हटाकर सर्जन को भीतर के अंगों को देखने में मदद करती है। श्वास को यथावत रखने के लिए गले या सांस की नली से बलगम और लार खींचने में भी इसका उपयोग होता है।
कोट
ओटी में खराब मशीनें और उपकरणों की जानकारी लेकर तकनीशियन से जांच कराई जाएगी। ठीक होने वाली मशीन की मरम्मत कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर नई मशीनें खरीदवाने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. संजीव गोस्वामी, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर