जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र लाभार्थियों की संख्या 87,277 है, जो शासन की योजना का लाभ ले रहे हैं। इसमें 12,975 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने ई-केवाईसी और आधार सीडिंग नहीं कराई है। ऐसे में यह किसान योजना की 14वीं व 15वीं किस्त से वंचित हो गए। अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराने से इन किसानों के खातों में सम्मान निधि की अगली किस्त भी पहुंचना मुश्किल है। एक-दो किस्तों से किसान और वंचित रहे तो उन्हें अपात्र भी माना जा सकता है।
ई-केवाईसी व आधार सीडिंग अनिवार्य
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को ई-केवाईसी व आधार सीडिंग अनिवार्य की गई है। इसके लिए गांव-गांव विशेष अभियान चलाया गया। जिले में 108 नोडल अधिकारी तैनात किए गए। सभी ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों को लगाया गया। किसान बैंकों और जनसुविधा केंद्रों में भी संपर्क कर ई-केवाईसी व आधार सीडिंग करा सकते हैं। निर्धारित तिथि के अंदर ई-केवाईसी नहीं कराने पर दो किस्तें रोक दी गईं। संवाद
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आयकर दाता भी लेते रहे लाभI
Iरुद्रपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरुआत में धड़ाधड़ सभी ने इसका लाभ लिया। दो-चार किस्तें आने के बाद केंद्र सरकार ने सख्ती शुरू की। इसमें आयकर दाखिल करने वालों को चिह्नित किया गया। इसमें लगभग 1500 आयकर दाता अपात्र पाए गए थे। संवादI
I गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक किया गया। अधिकाधिक किसानों ने कराई पर 15 से 20 प्रतिशत किसानों ने नहीं कराया। इसके चलते इनकी किस्तें रोक दी गई। यह किसान जल्द ई-केवाईसी कराना सुनिश्चित करें। - अजय कुमार वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी।I