पुलिस ने स्मैक तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को धर दबोचा, उनके पास से आधा किलो स्मैक बरामद हुई है। वे बरेली से यहां बेचने आए थे। बरामद स्मैक की कीमत दस लाख रुपये आंकी जा रही है। मुकदमा दर्ज कर दोनों तस्करों को जेल भेज दिया गया है।
सोमवार को एएसपी डॉ.जगदीश चंद्र और सीओ राजेश भट्ट ने मामले का खुलासा किया। बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि बरेली के स्मैक तस्कर गिरोह के दो कॅरियर सुबह की ट्रेन से काशीपुर में फुटकर स्मैक बेचने वालों को डिलीवरी देने आ रहे है।
कोतवाल चंचल शर्मा की टीम ने रेलवे स्टेशन के निकासी गेट पर तलाशी अभियान चलाया तो संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। एक ने अपना नाम अजीम पुत्र नौशाद अंसारी तो दूसरे ने परवेज पुत्र इसराइल बताया। दोनों मौहल्ला अंसारी वार्ड नंबर- 8 थाना फतेहगंज पश्चिमी (बरेली) के निवासी हैं।
तलाशी लेने पर अजीम के पास से 30 ग्राम और परवेज के पास से 20 ग्राम स्मैक बरामद हुई। बरामद स्मैक का बाजार मूल्य लगभग 10 लाख रुपये है। सीओ भट्ट ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि वसीम पुत्र सुल्तान निवासी मोहल्ला अंसारी वार्ड नंवर -8 फतेहगंज बरेली स्मैक का कारोबार करता है।
पकड़ी गई स्मैक उसी की है। वे दोनों उसके गिरोह के सदस्य हैं, उनका काम आर्डर देने वाले को डिलीवरी देना है। वसीम का पूर्वी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्मैक का काम फैलाया हुआ है। अब उसने उतराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार के शहरों में भी उसका कारोबार फैल गया है।
वह दोनों उसके हिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। डा. जगदीश ने बताया कि स्मैक तस्कर गिरोह को दो हैंडलरों का पकड़ा जाना और गिरोह का नाम खुलना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा अगर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग मिला तो वह यहां स्मैक के कारोबार करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
सीओ ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों ने गिरोह का सरगना बरेली निवासी वसीम बताया है। जांच में दोनों के बयान की पुष्टी होने पर वसीम की भी गिरफ्तारी होगी। स्मैक हैंडलरों को पकड़ने वाली टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमोला, एसआई महेश जोशी, एसआई जयपाल सिंह चौहान, कांस्टेबल अनुज त्यागी, राजपुरी, ज्ञानेद्र कुमार आदि थे।