जंगल की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जेदार द्वारा ढाई एकड़ वन भूमि पर बोई गेहूं की फसल नष्ट कर दी और एक झाला तोड़ा। इस दौरान झाला डालने वाले अतिक्रमणकारियों की टीम से तीखी झड़प भी हुई। रेंजर ने दो अतिक्रमणकारियों पर राजकीय कार्य में बाधा डालने और राजकीय कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
शक्तिफार्म के बाराकोली वन क्षेत्र में प्लाट संख्या 53 'अ' में पिपलिया गांव निवासी फुम्मन सिंह ने ढाई एकड़ (एक हेक्टेयर) वन भूमि पर कब्जा कर गेहूं की फसल बो दी। वन विभाग को इसकी भनक लगी तो बृहस्पतिवार को क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रैकुनी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर गेहूं की फसल नष्ट कर दी और जमीन कब्जा मुक्त कराकर अतिक्रमणकारी को हिदायत दे छोड़ दिया।
इसके बाद इसी प्लाट के बराबर में पिपलिया गांव के सुखविंदर सिंह उर्फ पप्पू व उसके भाई भजन सिंह ने वन भूमि पर झाला डाल रखा था। टीम ने इनके झाले को तोड़ वन भूमि खाली कराई। इस दौरान दोनों के परिवार व अन्य ग्रामीण महिलाओं ने वन टीम की गाड़ियां रोक लीं। इससे ग्रामीणों व वन टीम के बीच तीखी झड़प हुई। बात इतनी बढ़ गई कि ग्रामीण टीम के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। रेंजर ने बताया कि सुखविंदर व उसके भाई ने वन दरोगा जीवन सिंह भाकुनी को जान से मारने की धमकी दी।
उन्होंने बताया कि दोनों अतिक्रमणकारियों के खिलाफ शक्तिफार्म पुलिस चौकी में राजकीय कार्य में बाधा डालने और राजकीय कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने के मामले में तहरीर दी है। कहा कि वन एवं वन्य जीव तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। बताया कि बाराकोली एन-3 क्षेत्र से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा।
टीम में रेंजर महेंद्र सिंह रैकुनी, वन दरोगा भुवन लाल शाह, जीवन सिंह भाकुनी, शोभाशंकर पांडे, गिरीश चंद्र भट्ट, अमित गोस्वामी, मनोज बिष्ट, केसर सिंह धौनी, गणेश जोशी, उमेश सिंह, त्रिलोक सिंह, भूपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, बवीता, कमला आदि थे।