काशीपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज गर्ब्याल की अदालत ने उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 के अंतर्गत दर्ज एक मामले में दो आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है।
आईटीआई कोतवाली में सद्दाम निवासी फरीदनगर, ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद और जरीफ निवासी गुलड़िया, काशीपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दोनों ने न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अभियुक्तों का कथित घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्हें घटनास्थल से गिरफ्तार नहीं किया और न ही उनके कब्जे से कोई आपत्तिजनक सामग्री या अवशेष बरामद हुए। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि अभियुक्त जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं और न्यायालय की निर्धारित सभी शर्तों का पालन करेंगे।
वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर प्रकृति का बताया। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने तथा केस डायरी एवं उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी मौके से नहीं हुई है और मामला विचारणीय है।
न्यायालय ने सद्दाम व जरीफ की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि दोनों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व समान राशि के दो-दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाए। साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश न छोड़ने की शर्तों का पालन करना होगा।