मदद का आश्वासन देकर लेते थे कमीशन
एसएसपी ने बताया कि जावेद और सुरजीत दोनों दोस्त हैं। कॉल डिटेल से पता चला है कि उनके बीच काफी बातचीत हुई है। दोनों राहत कोष में आवेदन करने के बाद लाभार्थी को धनराशि मिलने का आश्वासन देते थे और आवेदन प्रक्रिया में मदद करने की बात कहकर कमीशन लेते थे। जावेद की ओर से दो लोगों से फाइल के नाम पर कमीशन लेने की बात सामने आ रही है। दोनों के कई लेनदेन के प्रकरण जांच में सामने आए हैं। अभी तक की विवेचना में किसी भी तहसील के कर्मचारी या जनप्रतिनिधि के किसी कर्मचारी की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। अभियुक्तों का किसी तहसील कर्मी से कोई संपर्क नहीं था। वहां पर एसपी क्राइम चंद्रशेखर आर घोड़के, सीओ सिटी निहारिका तोमर मौजूद रही।
पीड़ित भगवानदास का दोस्त है सुरजीत
एसएसपी का कहना है कि इस मामले में सहअभियुक्त सुरजीत शर्मा असल में भगवानदास का दोस्त है। भगवानदास की फाइल लगवाने में सुरजीत ने मदद की थी। दोनों के गांव आसपास ही हैं। भगवान चेक को लेकर सुरजीत से बार-बार कहता रहा था। सुरजीत सीधा भगवानदास से दलाली नहीं मांग सकता था। सुरजीत ने ही भगवानदास का संपर्क जावेद से कराया था। जावेद ने भगवानदास से दलाली मांगी थी। एसएसपी का कहना है कि जावेद का पता नहीं था कि चेक कितने का पास हुआ है। वह कमीशन के तीन हजार रुपये मांग रहा है। भगवानदास को पांच हजार का चेक जारी होने की जानकारी रही थी।
गुंडा एक्ट की करेंगे कार्रवाई
एसएसपी ने कहा कि जावेद ने और भी लोगों की मासूमियत और मजबूरी का फायदा उठाकर वसूली की होगी। अगर कोई शिकायत लेकर आएगा तो जरूर एक्शन लिया जाएगा। सरकार और प्रशासन की छवि धूमिल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में गुंडा एक्ट भी लगाया जाएगा।