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Udham Singh Nagar News: यूपी-उत्तराखंड की लाइफलाइन तुमड़िया डैम खतरे में, विभाग चिंतित

Tue, 19 May 2026 12:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। उत्तराखंड और यूपी की करीब 28 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई करने वाला तुमड़िया डैम खस्ताहाल स्थिति में है। इस पर सिंचाई विभाग ने इसके जीर्णोद्धार के लिए 172 करोड़ की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) शासन के पास भेजी है। वहीं डैम के दो मुख्य गेटों पर बने कुएं क्षतिग्रस्त हो गए जिनकी विभाग ने करीब 2.38 करोड़ की लागत से मरम्मत शुरू करा दी है।
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वर्ष 1962 में डैम का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 1969 में करीब 20 किलोमीटर के क्षेत्रफल में इसे बनाया गया। इसे उत्तराखंड और यूपी के सीमावर्ती जिलों की कृषि व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस डैम की जलभराव क्षमता 840 मीटर है। इसके कुल पानी का 63 फीसदी हिस्सा यूपी के रामपुर और मुरादाबाद जिलों को जाता है जबकि 37 फीसदी जल से उत्तराखंड के जसपुर व आसपास के खेतों की सिंचाई होती है। दशकों पुराने इस डैम के जर्जर होने के कारण विभागीय अधिकारी भी में क्षमता के अनुरूप पानी भरने का जोखिम नहीं ले रहे हैं। संवाद
दो गेटों के कुएं हुए क्षतिग्रस्त, मरम्मत जारी
- 10.2 माइल्स गेट : इस गेट से मुरादाबाद (यूपी) को पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां 1.48 करोड़ से मरम्मत का काम चल रहा है।
- 15.3 माइल्स गेट : इस गेट से जसपुर (उत्तराखंड) क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिलता है। यहां 90 लाख की लागत से पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है।

कई हिस्सों में धंसाव देख अधिकारियों की बढ़ी चिंता
डैम के कई हिस्सों में अब धंसाव भी साफ दिखाई देने लगा है। विभाग की ओर से शासन को भेजी गई 172 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद यहां बड़े पैमाने पर काम होना है। इसके तहत दीवारों, स्लूज गेटों की मरम्मत, सीपेज ड्रेन की सफाई, वाल्व बदलना, नई पीचिंग और नए पिलर आदि कार्य शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस जीर्णोद्धार के बाद डैम की जल भंडारण क्षमता डेढ़ से दो गुना तक बढ़ जाएगी जिससे दोनों राज्यों के किसानों को भविष्य में पानी की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा।
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कोट
तुमड़िया डैम के दो कुओं में मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। सवा दो करोड़ से अधिक की लागत से चल रहा यह निर्माण कार्य पहली बरसात से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा ताकि पानी के भंडारण में कोई समस्या न आए। - अमित गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, काशीपुर
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