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रुद्रपुर में डेढ़ हजार ट्रकों के पहिये जाम रहे

Sat, 21 Jul 2018 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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truck strike
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 ऑल इंडिया ट्रक ट्रांसपोर्ट यूनियन के आह्वान पर लगातार बढ़ रही डीजल की कीमतों के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुलाई गई हड़ताल में क्षेत्र के सभी ट्रांसपोर्टर शामिल रहे। ट्रांसपोर्टरों ने सिडकुल क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने डीजल के दाम कम करने, टोल टैक्स माफ करने और वाहनों की भार क्षमता को बढ़ाने की भी मांग उठाई। हड़ताल की वजह से डेढ़ हजार ट्रकों के पहिये जाम रहने से करीब दो करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। इधर, ट्रकों की हड़ताल का सिडकुल के उद्योगों पर भी असर पड़ा।
ट्रांसपोर्ट यूनियन की देशव्यापी हड़ताल के ऐलान के चलते शुक्रवार को सिडकुल में तमाम ट्रांसपोर्टरों ने ट्रकों के पहिये जाम कर प्रदर्शन किया।  वक्ताओं ने कहा कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन भाड़े में वृद्धि नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों को कारोबार में भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल की खरीद पर दो रुपये प्रति लीटर रोड मेंटीनेंस लिया जाता है, लिहाजा ट्रकों से टोल टैक्स वसूलना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाया जाए, ताकि वाहन मालिकों को व्यापार में मुनाफा हो सके। उन्होंने डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने की भी पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने सिडकुल क्षेत्र से गुजरने वाले ट्रकों को रोककर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। प्रदर्शन करने वालों में लखविंदर सिंह चहल, राम प्रसाद, हरि किशन, इंतजार, सुलेमान, संजय गुप्ता, संजय शर्मा, सुरेंद्र सिंह, मनोज शर्मा, सोनू शर्मा आदि थे। वहीं, सिडकुल इंटरप्रिन्योर सोसायटी के संरक्षक अजय तिवारी ने बताया ट्रकों की हड़ताल का सिडकुल के उद्योगों पर आंशिक असर रहा। यह असर भी दोपहर एक बजे तक ही देखा गया।
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हड़ताल लंबी चली तो फल-सब्जियों के दामों पर पड़ेगा असर
रुद्रपुर। ट्रकों की हड़ताल से जहां एक ओर औद्योगिक इकाइयों के कारोबार पर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे दैनिक उपभोग की वस्तुएं के दामों पर भी असर पड़ेगा। अगर हड़ताल लंबी खिंची तो फल, सब्जियों, दूध समेत अन्य वस्तुओं  के दामों में वृद्धि होगी। इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। इसके अलावा सिडकुल के उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। सिडकुल में ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और फार्मा आदि की करीब सवा चार सौ इकाइयों हैं। ट्रकों की हड़ताल से यहां तैयार माल को अन्य राज्यों में भेजना और कच्चा माल मंगाने में दिक्कतेें पेश आएंगी।

 
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