काशीपुर। पति ने दहेज में दो लाख की नकदी व बाइक की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने पति समेत अन्य ससुरालियों पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मोहल्ला खालसा निवासी गुलफसा ने महिला हेल्प लाइन में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि उसका निकाह नौ सितंबर 2018 को चक्कर की मिलक मुकर्रबपुर थाना सिविल लाइंस जिला मुरादाबाद निवासी मोहम्मद इकराम के साथ हुआ था। शादी में मिले दहेज से पति इकराम, ससुर उस्मान उर्फ छोटे, सास मेहरुनिशा, देवर मुकीम, अब्दुल करीम खुश नहीं थे। शादी के कुछ दिन बाद से ही ससुराली दहेज में दो लाख रुपये और बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसे मारपीट कर मई 2019 में गर्भावस्था में घर से निकाल दिया। उसके बाद 16 अगस्त 2019 ससुराली समझौता कर उसे ससुराल वापस ले गए।
पीड़िता ने बताया कि 15 सितंबर 2022 को फिर से दहेज की मांग करते हुए ससुरालियों ने उसे मारपीट कर बच्चों सहित घर से निकाल दिया। जिसके बाद उसने परिवार न्यायालय काशीपुर में भरण पोषण का वाद दायर किया। इसमें न्यायालय ने सुनवाई के बाद उसके हक में फैसला किया। जब उसने न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए भरण पोषण न अदा करने पर फिर से भरण पोषण के वाद दाखिल किया। तब उसका पति व ससुराली माफी मांग कर और समझौता कर अपने साथ ले गए। जिस पर उसने वाद को खारिज कर दिया। आरोप लगाया कि 22 सितंबर 2025 को ससुरालियों ने दहेज के लिए उसके साथ मारपीट की और पति ने उसे तीन तलाक दे दिया। कानूनी कार्यवाही करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति समेत अन्य ससुरालियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।