काशीपुर। एक सूदखोर से परेशान हुई महिला ने एसपी सिटी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर आईटीआई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोटेश्वर मंदिर के पीछे, ओम विहार कॉलोनी निवासी नीरजा सिंह पत्नी राजेश कुमार ने एसपी स्वप्न किशोर सिंह को बताया कि वह एक निजी स्कूल की संचालिका हैं और उसके पति राजेश कुमार रुद्रपुर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।
वर्ष 2020 फरवरी में स्कूल के अतिरिक्त निर्माण के दौरान आर्थिक परेशानी के चलते अपने परिचित सतपाल सिंह चौहान निवासी आवास विकास, काशीपुर से उधार में एक लाख रुपये देने के लिए कहा।
उसने मुलाकात ब्याज पर रुपये देने वाले ओमदत्त शर्मा निवासी वैशाली कॉलोनी करा दी। इसके बाद सतपाल सिंह ओमदत्त शर्मा को साथ लेकर उनके स्कूल में आया और पांच प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज पर एक लाख रुपये देने की बात कही।
पीड़िता ने बताया कि आर्थिक परेशानी में उसने ओमदत्त शर्मा से 13 फरवरी को उनके स्कूल आया और एक लाख रुपये का चेक दे दिया। जब उन्होंने लिखा पढ़ी करने को कहा तो सतपाल सिंह ने कहा कि समय से ओमदत्त को ब्याज देते रहना। तुम्हारे दिए ब्लैंक चेक का दुरुपयोग नहीं होगा। बताया मार्च 2020 में अचानक कोरोना लॉकडाउन हो गया और उनका स्कूल बंद होने के कारण वह ब्याज की राशि जमा नहीं कर पाई।
इसके बाद उसने ब्याज के 42000 रुपये दे दिए। वर्ष 2022 में 39000 रुपये और फिर 21000 रुपये कुल 1,02,000 हजार रुपये ओमदत्त शर्मा को दे दिए। आरोप लगाया कि अक्तूबर 2022 में ओमदत्त शर्मा अपना हिसाब-किताब लेकर आया और उनसे ब्याज पर ब्याज लगाकर पांच लाख रुपये मांगने लगा।
नीरजा सिंह ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि ओमदत्त शर्मा टायर पंचर की दुकान चलाता है। उसने ब्लैंक चेक में 5,60,000 रुपये की धनराशि भरकर चेक बिजनौर में लगा दिया। चेक बाउंस होने पर सात जुलाई 2023 को नोटिस भिजवा दिया। उसका जवाब उन्होंने नौ अगस्त 2023 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से भिजवा दिया और ओमदत्त से इस संबंध में मुकदमा न करने की फोन पर बात कही। इसके बावजूद उसने बिजनौर न्यायालय में चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि ओमदत्त शर्मा सूदखोरी कर उनके जैसों को अपने जाल में फंसा लेता है। पुलिस जांच कर रही है।