ठग गिरोह की नजर बीमा कंपनियों पर है। ठगों ने एक बीमा कंपनी से तीन मृतकों को जीवित दिखाकर उनके नाम से बीमा कराया। एक किस्त देने के बाद मृत्यु दिखाकर फर्जी कागजात के आधार पर लाखों रुपये का क्लेम लेने का प्रयास किया। हालांकि कंपनी ने जांच में पकड़ लिया। कंपनी रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी रामनगर रोड काशीपुर में बीमा कंपनी के एजेंट ने गुरुमुख सिंह पुत्र जरनैल सिंह निवासी अफजलगढ़ (बिजनौर) का 7 अगस्त 2013 को सात लाख का बीमा कराया। उसकी पहली किस्त जमा की जा चुकी थी, कि 10 सितंबर को उसकी मृत्यु दिखाकर बीमा कंपनी में क्लेम का दावा किया। कंपनी ने जांच पड़ताल की तो दस्तावेज फर्जी नजर आए।
जांच में पता चला कि गुरुमुख सिंह की मृृत्यु तो 17 मई 2013 को हो चुकी है। ठीक इसी प्रकार एक और बीमा एजेंट ने 9 अगस्त 2013 को लखविंदर सिंह निवासी बांसखेड़ा खुर्द का तीन लाख का बीमा कराया। पहली किस्त जमा करने के बाद लखविंदर सिंह को मृत दिखाकर क्लेम का दावा किया गया। कंपनी ने जांच पड़ताल में पाया कि लखविंदर की मृत्यु बीमा कराने से एक साल पहले हो चुकी है।
कंपनी के ही एक अन्य बीमा एजेंट ने 11 जुलाई 2013 को यशपाल सिंह पुत्र छिद्दू निवासी ढकिया कलां का पांच लाख का बीमा कराया। एक किस्त जमा होने के बाद क्लेम का दावा कर दिया। जांच में यशपाल की मृत्यु 5 जून 2013 को हो चुकी है। कंपनी ने तीनों क्लेम रोक दिए हैं। फर्जी तरीके से क्लेम लेने का प्रयास करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट करने की तैयारी की जा रही है।