रुद्रपुर। यूपीआई ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगने की चर्चाओं के बीच कारोबारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार यूपीआई पर किसी तरह का टैक्स या शुल्क लगाती है तो वे भी ग्राहकों से अतिरिक्त चार्ज वसूलेंगे। इससे डिजिटल इंडिया अभियान को झटका लगेगा और नकद लेनदेन फिर से बढ़ जाएगा।
दरअसल, पिछले 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर जीएसटी लगने की चर्चाएं चल रही हैं। इससे कारोबारियों में असमंजस बना हुआ है। मुख्य बाजार, गल्ला मंडी और सिडकुल क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पहले ही जीएसटी, ऑनलाइन कमीशन और अन्य खर्चों का बोझ है। यूपीआई पर टैक्स लगा तो छोटे कारोबारियों के लिए ऑनलाइन भुगतान घाटे का सौदा बन जाएगा।
कारोबारियों का तर्क है कि यूपीआई से भुगतान लेने पर उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता, उल्टा बैंक सेटलमेंट चार्ज और जीएसटी नोटिस का डर रहता है। अगर टैक्स लगा तो वे बोर्ड लगाकर ग्राहकों से दो फीसदी अतिरिक्त वसूलेंगे या नकद को प्राथमिकता देंगे।
कोट
हम दिनभर में 70 फीसदी पेमेंट यूपीआई से लेते हैं। अगर इस पर टैक्स लगा तो हमें मजबूरन ग्राहक से एक्स्ट्रा चार्ज लेना पड़ेगा। सरकार को छोटे व्यापारियों का सोचना चाहिए। - राजेश बंसल, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी, रुद्रपुर
यूपीआई से सुविधा तो है लेकिन टैक्स लगा तो हम कैश को ही बढ़ावा देंगे। 2000 की सीमा वाले कारोबार में हम 50 रुपये एक्स्ट्रा कैसे दें, इसलिए ग्राहक से ही लेना पड़ेगा। - सुनील गुप्ता, किराना व्यापारी, रुद्रपुर