केंद्र सरकार का एक और फरमान किसानों पर भारी पड़ने वाला है। ट्रैक्टर-ट्राली को अव्यावसायिक श्रेणी से बाहर करने की तैयारी की जा रही है। नवंबर में इसका आदेश जारी हो जाएगा। उसके बाद ट्रैक्टर-ट्राली का पंजीकरण व्यावसायिक श्रेणी में होगा। जीएसटी दर 28 फीसदी होने से इसकी कीमत और पंजीकरण शुल्क भी बढ़ जाएगा।
केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 के अनुसार ट्रैक्टर-ट्राली कृषि और अव्यावसायिक श्रेणी में आती है। केंद्र सरकार इसमें संशोधन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को व्यावसायिक श्रेणी में डालने की तैयारी कर रही है। एआरटीओ प्रशासन नंद किशोर ने बताया कि केंद्र सरकार ने इसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नवंबर दूसरे सप्ताह में इसके लागू होने की संभावना है।
सके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का भी व्यावसायिक पंजीकरण होगा और तिमाही टैक्स वसूला जाएगा। इसमें कृषि श्रेणी में पंजीकरण का विकल्प भी रहेगा। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। एआरटीओ ने बताया कि ट्रैक्टर पर अब तक 12 फीसदी जीएसटी लगता है। व्यावसायिक श्रेणी में आने से जीएसटी दर 28 फीसदी हो जाएगी।
इधर, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजेंद्र सिंह विर्क ने कहा इसका विरोध किया जाएगा। यह किसानों के साथ अन्याय है। आरटीओ के हल्द्वानी जोन में पंजीकृत ट्रैक्टर ट्राली क्षेत्र ट्रैक्टर ट्रॉली रुद्रपुर 26,629 1163 हल्द्वानी 20,093 3332 काशीपुर 2847 460 चंपावत 85 06 रामनगर 26 शून्य