चीन से लगी सीमा पर निर्माण के दौरान शनिवार को 71-बंगाल इंजीनियर के हवलदार रघुवर दत्त (40) हादसे का शिकार हो गए। सोमवार की सुबह उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। सूचना पर जवान के घर पर कोहराम मचा हैं। उनकी वृद्ध मां और पत्नी अचेतावस्था में हैं।
मूलरूप से जाखपंत पिथौरागढ़ निवासी शहीद रघुवर दत्त जोशी का परिवार 2008 से खटीमा के भूड़ गांव में आकर रहने लगा था। वर्ष 1994 में बंगाल इंजीनियर में भर्ती रघुवर दत्त जोशी चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। पिता स्व. पुरुषोत्तम जोशी भी सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके थे। दो बड़े भाई भी फौज में हैं।
शहीद का पुत्र गौरव 12 वर्षीय और पुत्री रिया नौ वर्षीय है। चाइना बार्डर से लगी देश की सीमा पर निर्माण के दौरान जोशी की शनिवार सुबह निर्माण के दौरान मौत हो गई थी। जोशीमठ से हवाई मार्ग से पार्थिव शरीर बरेली लाया गया। पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका ने सेना के हवाले से बताया कि शहीद जवान का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह किया जाएगा।