तीन दिन पहले जंगल में लकड़ी बीनने गए न्यूरिया पीलीभीत के एक ग्रामीण को बाघ ने मारकर खा दिया। शुक्रवार को तीसरे दिन सुरई रेंज के घने जंगल में शव मिला। उसकी खोपड़ी और दायां हाथ मात्र बचा था। मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग के अधिकारी भी मान रहे कि उसे बाघ ने ही मारा होगा।
जिला पीलीभीत यूपी के ग्राम कलिया थाना न्यूरिया निवासी 50 वर्षीय हुकुम चंद 15 मार्च को सुरई रेंज के जंगल में लकड़ी बीनने गया था। घर न लौटने पर 16 मार्च को ग्रामीणों ने सुरई के जंगल में लापता की ढूंढखोज की। शुक्रवार दोपहर बाद ग्रामीणों को सुरई रेंज कक्ष नंबर 47सी में लापता हुकुम की खोपड़ी दाएं बाजू का कुछ हिस्सा मिला। ग्रामीण घटना स्थल तक खून के धब्बे, घसीटने के निशान, फटे मिले कपड़ों के आधार पर पहुंचे।
एसडीओ फॉरेस्ट बाबू लाल एवं सत्रहमील पुलिस चौकी प्रभारी विनोद जोशी अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके की स्थिति के आधार पर बताया कि सुरई रेंज के वन विश्राम गृह के पास से लापता हुकुम पर बाघ ने हमला किया और उसे घसीट कर करीब एक किमी दूर दक्षिण साइड तक ले गया। वहां पर बाघ के कुनबे ने उसका मांस ही नहीं शरीर की हड्डियां भी चबा डाली। शेष बची खोपड़ी सहित बाजू का वजन बमुश्किल पांच से सात किलो बताया गया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीओ फॉरेस्ट लाल ने मृतक के आश्रितों को तत्काल पांच हजार रुपए दिलाए। मृतक के परिजनों को कुल तीन लाख रुपए का मुआवजा मिल सकता है। इस दौरान वन दरोगा जशोद सिंह, सतीश चंद्र रिखाड़ी, बाबूराम, ओमकार सिंह, सुंदर लाल आदि थे।