बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए व्यक्ति की बृहस्पतिवार रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
सरकारी अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि 12 मार्च की रात में 108 एंबुलेंस के स्टाफ ने बेहोशी की हालत में अज्ञात व्यक्ति को भर्ती कराया था। जांच करने पर पता चला कि उसकी शुगर बढ़ी थी, लेकिन उसे होश नहीं आया था। बृहस्पतिवार रात करीब सवा 11 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहचान के लिए शव मोर्चरी में रखा। अज्ञात व्यक्ति की मौत की सूचना पर कई लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इनमें से किसी ने मृतक को पहचाना।
बताया कि वह सरबरखेड़ा दर्शन कॉलोनी निवासी रंजीत (35) पुत्र गोकुल है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक रंजीत की मां मिथलेश ने बताया कि वह जिला मुरादाबाद यूपी के गोपीवाला ठाकुरद्वारा में रहते हैं। उसके चार बेटे और तीन बेटियां है। वह सरबरखेड़ा में रहकर ही मजदूरी करते हैं। मृतक रंजीत प्राइवेट बस का ड्राइवर था। तीन महीने पहले उसकी शादी भरतपुर कुंडा निवासी युवती से हुई थी। शादी के बाद से वह कभी परिवार के साथ सरबरखेड़ा रहता था लेकिन अधिकतर समय वह पत्नी सहित ससुराल में रहता था। रंजीत के शरीर मेें चोट के निशान देखकर मृतक की मां और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। रंजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
मृतक रंजीत के पिता गोकुल ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। चार लड़कों में मृतक सबसे बड़ा था। तीन महीने पहले ही बड़े बेटे रंजीत की शादी की थी। शादी के समय से ही बेटे के ससुरालियों का व्यवहार ठीक नहीं था। मजदूरी करके ही एक बेटी की पहले ही शादी कर दी थी। बेटे कमाने वाले हुए तो बड़ा बेटा साथ छोड़ गया। अब उनके तीन पुत्र और दो पुत्री अविवाहित हैं। बड़े पुत्र के जाने से पिता टूट गए हैं।