जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस की अपेक्षा ज्यादा बगावत झेल रही सत्तारूढ़ भाजपा तीन नेताओं को पर्चा वापस लेने के लिए नहीं मना सकी। पांच सीटों पर पार्टी के विधायक और पूर्व विधायकों ने बगावती तेवर वाले नेताओं को समझा बुझाकर पर्चा वापस लेने के लिए मना लिया। जिला पंचायत की 35 सीटों में से 32 सीटों पर भाजपा के समर्थित प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। जिपं सीटों पर सबसे अधिक बगावत से जूझी भाजपा को बागियों ने परेशानियों में डाले रखा। जिपं की खानपुर पूर्व, दोपहरिया, बिडौरा, रुद्रपुर के प्रतापपुर, हरसान, सरवरखेड़ा, गदरपुरा, टांडा आजम सहित कुछ अन्य सीटों पर बागियों ने पर्चा दाखिल कर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी।
भाजपा के लिए सिरदर्द का सबब बनी हरसान सीट पर डैमेज कंट्रोल की कोशिश रंग नहीं ला सकी। इस सीट पर मैदान में ताल ठोक रही महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष उमा जोशी को पार्टी नहीं मना पाई। इसके अलावा काशीपुर के सरवरखेड़ा सीट पर बागी किरन देवी और सितारगंज की बिडौरा सीट पर पूर्व जिला पदाधिकारी विजय यादव तमाम कोशिशों के बाद भी पार्टी पर्चा वापस नहीं कराने में कामयाब नहीं हो सकी।
कांग्रेस से जुड़े एक दावेदार ने पर्चा लिया वापस
कांग्रेस के 26 समर्थित प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था और नौ सीटों को पार्टी ने ओपन छोड़ दिया था। कांग्रेस में कुरैया सीट पर भी बगावत उभरी थी और प्रदेश अध्यक्ष के दखल के बाद बागी प्रत्याशी अमनदीप कौर ने बृहस्पतिवार को नामांकन वापस ले लिया था। शुक्रवार को कांग्रेस से जुड़े और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंग्रेज सिंह ने भी दोपहरिया सीट से नामांकन वापस ले लिया। दोनों ही सीटों पर बागी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे थे। जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने बताया कि अंग्रेज ने टिकट की दावेदारी नहीं की थी। इसके बावजूद उससे बातचीत कर पर्चा वापस करा लिया गया है।
भंगा सीट पर दो नामांकन हुए वापस
सितारगंज की बिडौरा सीट पर एक बागी प्रत्याशी विजय यादव ने पर्चा वापस नहीं लिया है। जिन सीटों पर बागी मैदान में थे, वहां पर्चा वापस करा लिया गया है। विजय पूर्व में ओबीसी मोर्चा में जिले में पदाधिकारी रह चुके हैं। इस संबंध में हाईकमान को अवगत कराया जाएगा। कमल जिंदल, जिलाध्यक्ष, भाजपा, ऊधमसिंहनगर।