क्षेत्र में तीन बैंकों में चोरी की कोशिश हो चुकी है, लेकिन पुलिस एक भी मामले का खुलासा करने में कामयाब नहीं हो सकी है। मामला ठंडा पड़ते ही पुलिस की जांच भी सुस्त हो जाती है। इसी का फायदा उठाकर चोर कुछ समय खामोश रहने के बाद फिर से वारदात को अंजाम देने में जुट जाते हैं।
दरअसल बीते मई में चोरों ने कुंडा थाने से 100 मीटर की दूरी पर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पिछले हिस्से की दीवार तोड़ दी थी। अंदर घुसे चोरों ने बैंक को खंगाला था। लेकिन लॉकर का दरवाजा नहीं खुलने की वजह से चोरों के हाथ कुछ नहीं लग सका था। पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने के साथ ही एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की थी। लेकिन कुछ दिनों तक भागदौड़ करने के बाद पुलिस की जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में अज्ञात चोरों ने बाजपुर रोड में द्रोणा सागर के समीप पीएनबी के एटीएम को तोड़ा था। लेकिन कैश बाक्स का लॉक नहीं टूटने के कारण चोरों को खाली हाथ ही जाना पड़ा था।
हाइवे किनारे एटीएम में चोरी की कोशिश ने पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोल दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के साथ ही एटीएम लूट के मामले में जेल गए आरोपियों से पूछताछ की थी। लेकिन कुछ हाथ नहीं लग सका था। एक पखवाड़े पहले चोरों ने प्रतापपुर में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के चैनल का ताला तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन शटर का ताला नहीं टूटने की वजह से उनकी मंशा धरी रह गई। तीन बैंकों में चोरी की कोशिश होने के बाद भी पुलिस एक भी मामला नहीं खोल सकी है। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि तीनों जगहों पर चोर कुछ भी ले जाने में नाकाम रहे थे। मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की गई थी। इन मामलों में क्या प्रगति हुई, इसके बारे में अधीनस्थों से जानकारी ली जाएगी।