ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर दभौरा टांडा के ग्रामीणों ने परमानंदपुर-लोहियापुल बाइपास पर जाम लगा दिया। उन्होंने दो दिन पूर्व डंपर की चपेट में आकर जान गंवा चुके युवक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान एसडीएम और सीओ के साथ ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। एसडीएम द्वारा ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए पिकेट तैनात करने, ब्रेकर बनवाने और मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही का आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने तीन घंटे बाद जाम खोला।
दभौरा टांडा के ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह 11 बजे दंभौरा टांडा गांव के सामने बाईपास पर जाम लगा दिया। ग्रामीण टेंट लगाकर सड़क पर बैठ गए। जिससे सड़क पर दोनों तरफ ट्रकों की लंबी कतार लग गई। हाथों में लाठी डंडे लेकर पहुंचे युवाओं ने बाइक सवारों को भी बाईपास से नहीं निकलने दिया। उन्होंने बाईपास में ब्रेकर लगवाने, ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद करने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की सांठगांठ के चलते इस मार्ग पर दिन रात ओवरलोडेड वाहन तेज गति से दौड़ते हैं। जिससे कई बार हादसे हो चुके हैं। दो दिन पहले डंपर की चपेट में आकर एक युवक की मौत भी हो चुकी है। अभी तक न तो डंपर चालक गिरफ्तार हुआ है और न ही प्रशासन ने मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया है। जाम को खोलने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने उनकी एक भी नहीं सुनी। इसके बाद एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीओ राजीव मोहन और एसओ नरेश चौहान मौके पहुंच गए।
ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने काफी आक्रोश जताया। कहा कि हादसा होने के बाद भी मार्ग पर ओवर लोडेड वाहन धड़ल्लेे से दौड़ रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि ओवरलोडेड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए सोमवार तक गांव में स्थाई पिकेट लगा दी जाएगी। जिसमें दो पुलिस और दो राजस्व कर्मी तैनात होंगे। कहा कि पीडब्लूडी को ब्रेकर बनवाने के लिए निर्देश देने के साथ ही मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाया जाएगा। इस मौके पर डीके जोशी, छत्रपाल सिंह, चंद्रजीत सिंह, राजपाल सिंह, जयपाल, मनीराम, मुरारीलाल, दीप सिंह, महिपाल सिंह, रामवती, लक्ष्मी, विद्या देवी, रामकली जयवती आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि घटना के दिन 108 सेवा को फोन किया गया था। लेकिन तीन घंटे तक एंबुलेंस तो नहीं आई, मगर बहुत कम समय में डंपर में लगी आग बुझाने को फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई थी। अगर घायल को सही समय पर उपचार मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। पुलिस ने डंपर चालक को पकड़ने के लिए दो दिन का समय मांगा। सीओ राजीव ने समझाया कि चुनाव में व्यस्तता होने की वजह से देरी हुई। डंपर भोजपुर मुरादाबाद का है। उसके चालक को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
ग्रामीणों के साथ बाईपास जाम करने में दो दिन पहले डंपर की चपेट में आकर जान गंवाने वाले युवक के परिजन भी शामिल थे। मृतक की बहन और परिजन रोते चिल्लाते रहे। एसडीएम से जब ग्रामीण वार्ता कर रहे थे तो मृतक की बहन न्याय की मांग को लेकर चिल्लाते हुए बेहोश भी हो गई। उसकी हालत खराब होने पर एसडीएम ने ग्रामीणों से उसे वहां से ले जाने का अनुरोध भी किया।
ग्रामीणों से वार्ता के दौरान एसडीएम सरस्वती ने कहा कि जो भी तेज गति से गांव की सड़क से गुजरता है तो उसे रोक लिया जाए। चालक को पकड़कर पुलिस को सूचित कर उन्हें सौंप दिया जाए। ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा। लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। वह मृतक परिवार से पूरी सहानुभूति रखते हैं। परिवार हर संभव मदद दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।