काशीपुर। एक प्रतिष्ठित टेलीकॉम कंपनी के सेटटॉप बॉक्स प्रसारण की डीलरशिप के नाम पर व्यापारियों से 77 लाख की ठगी के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लैपटॉप और कंपनी के नाम पर तैयार किए गए दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में कुछ आरोपी फरार बताए गए हैं।
मंगलवार को काशीपुर पहुंचे एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कचनालगाजी निवासी मनोज जैन ने 22 अगस्त को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था रुद्रपुर निवासी राजेश झाम ने 20 जुलाई को एक व्यावसायिक डील करने के लिए उसे रुद्रपुर बुलाया।
वहां उसने एक होटल में उसे अश्वनी कुमार, हरिद्वार निवासी सुजेना शुक्ला, स्वाति कांडपाल, निखिल गांधी, विवेक शर्मा आदि से मिलवाया। उन्होंने टेलीकॉम कंपनी की फ्रेंचाइची और स्टूडियो के नाम पर करीब 67 लाख की ठगी कर ली। इसके बाद 10 लाख रुपये और ऐंठ लिए।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मामले में थाना बेउर, पटना (बिहार) निवासी अश्वनी कुमार और ग्रेटर नोएडा (यूपी) निवासी विनोद राय और नेहरू कॉलोनी देहरादून निवासी प्रशांत संगल को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ में 27 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात प्रकाश में आई है। मामले में कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जांच में एसटीएफ की भी मदद ली जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि पकड़ में आए तीन में से दो आरोपी अश्वनी और विनोद टेलीकॉम कंपनी में सीईओ के पद पर रह चुके हैं। दोनों कंपनी के कामकाज के तरीकों, प्रोजक्ट आदि के बारे में पूरी तरह से वाकिफ हैं। अपने अनुभव का लाभ उठाकर ही इस गैंग ने करोड़ों की ठगी की है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन वाटर मार्क एग्रीमेंट, दो लैपटॉप, 110 ग्रिप पेपर, दो मोबाइल और फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया है।
पुलिस टीम को दिया ढाई हजार का इनाम
काशीपुर। लाखों की ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी डीएस कुंवर ने ढाई हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। एएसपी राजेश भट्ट के निर्देशन व सीओ मनोज ठाकुर के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम में कोतवाल चंद्रमोहन सिंह, एसएसआई सतीश त्यागी, एसआई मदन सिंह, रविंद्र बिष्ट, अमित शर्मा, जावेद मलिक, कांस्टेबल वीरेंद्र यादव, कैलाश, अमरीश, गिरीश कांडपाल, राजू पुरी, सुरेंद्र सिंह, दलीप बोनाल, प्रमोद, जगमोहन, विनोद जोशी आदि शामिल रहे।
उत्तराखंड से बंगाल तक फैला है ठगों का नेटवर्क
काशीपुर। नामी टेलीकॉम कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का जाल उत्तराखंड, यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड और अन्य प्रदेशों तक फैला हुआ था। कंपनी के प्लानों की पहले से ही जानकारी होने के कारण उनका नेटवर्क इतना भरोसेमंद दिखाई देता था कि अच्छे-अच्छे व्यापारी तक गच्चा खा गए। अकेले उत्तराखंड में ही ठगों ने साढ़े छह करोड़ का चूना लगाया है।
काशीपुर निवासी मनोज जैन और शक्ति अग्रवाल को टेलीकॉम की व्यवसायिक डील के सिलसिले में 20 जुलाई को रुद्रपुर बुलाया गया था। वहां उनकी मुलाकात अश्वनी, विनोद राय व अन्य से हुई। अश्वनी को कंपनी के ईस्ट एंड सेंटर जोन का प्रोजेक्ट हेड बताया गया। बातचीत के दौरान कंपनी का ब्रॉडकास्टिंग वायरलेस स्मार्ट बॉक्स, ऑनलाइन मनी और ऑनलाइन शॉपिंग प्लान के बारे में जानकारी दी गई।
कहा कि कंपनी काशीपुर में स्टूडियो भी बनाकर देगी, जिसमें छह चैनल होंगे। 1.5 लाख बॉक्स जिनकी कीमत 4.50 करोड़ बताई गई। इसके लिए 25 प्रतिशत एडवांस कंपनी में जमा कराने को कहा गया। इस दौरान उनकी अश्वनी से बात होती रही। एग्रीमेंट से पहले वायरलेस मीडिया ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के खाते में 5.51 लाख रुपये जमा करने को कहा गया। इस पर उनकी ओर से 23 जुलाई को रकम जमा कराई गई। शक्ति अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने राशि आरआईएल ब्रॉडकास्टिंग कंपनी में जमा कराई जबकि एग्रीमेंट दूसरी कंपनी के नाम किया गया।
29 जुलाई को अश्वनी ने निखिल गांधी और विवेक शर्मा को काशीपुर भेजा, जो कंपनी के लोगो लगे हुए पेपर और मुहरें लेकर और एग्रीमेंट लिखकर ले गए। इसके बाद उनसे अलग-अलग तारीखों में कुल 67.26 लाख रुपये नकद और खातों में जमा करा लिए। छानबीन में पता लगा कि उक्त ठगों की ओर से हरिद्वार में भी बड़ा कार्यालय खोला गया है। उक्त कंपनी की ओर से प्रस्तावित प्लानों के बारे में उन्हें एडवांस जानकारी रहती है। इसी का फायदा उठाकर वह ठगी को अंजाम देते हैं।
टेलीकॉम कंपनी के नाम पर गिरोह ने इनके साथ की ठगी
1- बंसल एसोसिएट्स, ऋषिकेश 21 लाख।
2- आशीष शर्मा हरिद्वार, 56 लाख और एक मर्सडीज कार।
3- अमित शर्मा हरिद्वार 1.47 करोड़।
4- सहारनपुर में 1.40 करोड़।
5- अश्वनी कुमार, देहरादून 1.10 करोड़।
6- विकास गुप्ता देहरादून, 21 लाख।
7- मसूरी, देहरादून के चार लोगों से 1.20 करोड़।
8- बिहार से आरआईएल में आठ करोड़।
9- झारखंड में एक करोड़।
10- कोलकाता टाउन और पश्चिमी बंगाल से 10 करोड़।
गैंगेस्टर एक्ट में निरुद्ध होंगे आरोपी
काशीपुर। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि करोड़ों की ठगी में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस की मदद भी ली जाएगी। आरोपियों के पकड़ में आने पर उनके खिलाफ गंगैस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।
काशीपुर पुलिस हिरासत में पकड़े गए ठगी के आरोपी।- फोटो : KASHIPUR