जसपुर। हज यात्रा के चयनित आवेदकों के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने चिकित्सा जांच और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया तय कर दी है। यात्रियों को चिकित्सकीय रूप से फिट होने का प्रमाण देना होगा। इसके लिए दो चरणों में चिकित्सा जांच कराई जाएगी। पहली जांच चयन के समय और दूसरी हज यात्रा पर रवाना होने से पहले होगी।
उत्तराखंड राज्य हज समिति के चेयरमैन हाजी खतीब अहमद ने बताया कि चयनितों को हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर उपलब्ध सर्कुलर संख्या-10 के अनुसार मेडिकल स्क्रीनिंग करानी होगी। सरकारी एलोपैथिक चिकित्साधिकारी से मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाकर उस पर फोटो और हस्ताक्षर कराना भी जरूरी होगा। आवेदकों को 15 सितंबर तक पहली किस्त जमा करने की ई-रसीद या ऑनलाइन भुगतान रसीद समेत निर्धारित दस्तावेज पिलग्रिम लॉगिन पर स्वयं अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड नहीं कर पाने वाले आवेदक मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य कागजात हज हाउस पिरान कलियर में अंतिम तिथि तक जमा करा सकते हैं। हज समिति ने आवेदकों को मूल मेडिकल जांच रिपोर्ट और फिटनेस प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने की सलाह दी है। यात्रा के दूसरे चरण में चिकित्सा जांच और टीकाकरण के दौरान इनकी जरूरत पड़ेगी। निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार अयोग्य पाए जाने पर हज यात्रा की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
इनसेट
जमा करने वाले जरूरी कागजात
- अतिरिक्त हज आवेदन फॉर्म की प्रति और हस्ताक्षरित सोलमन डिक्लेरेशन
- पासपोर्ट की छायाप्रति और पासपोर्ट का फ्रंट व बैक पेज
- दो कलर फोटो, जिसमें बैकग्राउंड सफेद हो
- हज आवेदन में दिए गए बैंक खाते की कैंसिल चेक या बैंक पासबुक की छायाप्रति
- पासपोर्ट के फ्रंट एवं बैक पेज की प्रति
- पता पासपोर्ट में दर्ज पते से अलग होने पर हज आवेदन में दिए पते का प्रमाणपत्र
- मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य निर्धारित दस्तावेज