जसपुर। सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से इस बार हज यात्रा के खर्च में 19,880 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यात्रा से जुड़े खर्च की अंतिम किस्त जमा करने का सोमवार को आखरी दिन है। इस किस्त के 86,580 रुपये प्रत्येक आवेदक को जमा करने होंगे। इसमें कुर्बानी के अतिरिक्त 17,280 रुपये भी शामिल हैं। इस तरह दिल्ली इम्बारकेशन के प्रत्येक यात्री को 3,63,880 रुपये का खर्च वहन करना पड़ेगा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 19,880 अधिक है।
उत्तराखंड राज्य हज समिति के चेयरमैन हाजी खतीब अहमद ने बताया कि हज यात्रा के लिए राज्य से इस बार 1491 लोगों का चयन हुआ था। इनमें 127 लोगों ने यात्रा पर जाने का निर्णय टाल दिया। अब 1366 लोग यात्रा पर जाएंगे। चयनित यात्रियों ने पहली और दूसरी किस्त के 2,77,300 रुपये की जमा कर दिए हैं। तीनों किस्त को मिला कर इस बार यात्रा पर 3,63,880 रुपये का खर्च आएगा।
चेयरमैन ने बताया कि इस बार सऊदी अरब सरकार ने यात्रियों के लिए किचन सुविधा को बंद कर दिया है। इस कारण अब यात्रियों को स्वयं खाना बनाने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें बाहर से कैटरिंग के जरिये भोजन लेना होगा। साथ ही इस बार सउदी अरब यात्रियों को स्मार्ट वाॅच उपलब्ध कराएगी। इन दोनों कारणों से इस बार यात्रा खर्च में बढ़ोतरी हुई है।
कोट
इस बार प्रदेश के 82 लोगों का चयन 20 दिन की शॉर्ट टर्म हज यात्रा के लिए भी हुआ है। ऐसे यात्री हज शुरू होने होने के समय जाएंगे और हज खत्म होने के तुरंत बाद वतन लौट आएगें। इनकी यात्रा का खर्च सामान्य यात्रियों की तरह है। ऊधमसिंह नगर जिले के यात्रियों के लिए 11 अप्रैल को जसपुर के फैज-आम-इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। फ्लाइट की तिथि आना शेष है। - हाजी खतीब अहमद, चेयरमैन, उत्तराखंड राज्य हज समिति