जसपुर। इस बार यात्रियों को 20 दिन की शाॅर्ट टर्म हज यात्रा का विकल्प दिया गया है। इसमें सीटें सीमित रहेगी और खर्च अधिक आने की उम्मीद है। उत्तराखंड राज्य हज समिति के ईओ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि वर्ष 2026 की यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने हज कमेटी ऑफ इंडिया को 20 दिनों में ही शाॅर्ट टर्म हज पूरा करने की मंजूरी दी है। ऐसे आवेदकों के लिए देश भर से 10,000 सीमित सीटें हैं। भारत में ऐसी व्यवस्था पहली बार शुरू की गई है।
सामान्य दिनों के मुकाबले 20 दिन के शाॅट टर्म हज के महंगा होने की उम्मीद है। शाॅर्ट टर्म हज आवेदक हज शुरू होने के समय जाएंगे और खत्म होने के बाद लौटेंगे। उन्हें दो से पांच समूह का एक ही कवर मिलेगा। और देश के सात शहरों अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई एयरपोर्ट में से किसी एक से भेजे जाएंगे। इनकी संख्या सीट से ज्यादा होने पर देश स्तर पर लॉटरी निकाली जाएगी। अगर लॉटरी में उनका चयन नहीं हुआ तो उन्हें सामान्य हज यानी 40 दिन की श्रेणी में जाना होगा। शाॅर्ट टर्म हज के अन्य सभी नियम सामान्य हज के समान ही रहेगें। सीमित सीटों से अधिक आवेदन होने की स्थिति में रैंडम डिजिटल चयन की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। आवेदन पत्र जमा करने का बाद शाॅर्ट टर्म और सामान्य श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। एक ही कवर के सभी आवेदकों को एक श्रेणी का चयन करना होगा। संवाद
65 वर्ष से अधिक आयु वाले अकेले नहीं जाएंगे
ईओ मो. आरिफ ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया के मुताबिक 65 वर्ष या इससे अधिक उम्र के बुजुर्ग अकेले हज यात्रा नहीं कर सकेेंगे। उनके साथ 18 से 60 वर्ष की उम्र का कोई सहयोगी होना जरूरी रहेगा। बुजुर्ग पति-पत्नी को भी अलग-अलग सहयोगी ले जाना होगा। बिना महरम कैटेगरी में 65 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए भी एक महिला सहयोगी को साथ ले जाना अनिवार्य है। सहयोगी महिला की उम्र 45 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। वहीं 45 से ऊपर की महिलाएं चार सदस्यीय समूह बनाकर हज पर जा सकती हैं लेकिन 65 पार करने पर सहयोगी जरूरी है।
12 साल से कम उम्र के बच्चों को भी हज की इजाजत नहीं
ईओ ने बताया कि 18 साल से कम उम्र के किसी भी किशोर का आवेदन अकेले स्वीकार नहीं होगा। उसके लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनुमति जरूरी होगी। माता-पिता के साथ 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे हज यात्रा पर जा सकते हैं। लेकिन 12 साल से कम उम्र के बच्चों को हज यात्रा की अनुमति नहीं रहेगी। इस बार यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग पहले हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से हज कर चुके हैं उन्हेें अब दोबारा यह सुविधा नहीं मिलेगी।
31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन
ईओ मो. आरिफ ने बताया कि वर्ष-2026 की हज यात्रा के लिए सात जुलाई से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रक्रिया के तहत 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भरे जाने हैं। सेंट्रल हज मुंबई की वेबसाइट एवं आई फोन या एंड्रॉयड मोबाइल से एक हज सुविधा पर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की सुविधा उपलब्ध है।