कालेधन की माया के मोहजाल में जिले के कुछ अधिकारी इस कदर मोहित हुए कि उन्हें अपने आला अधिकारियों के आदेशों का भी ख्याल नहीं रहा। लाखों रुपये की सांठगांठ के खेल में एक फर्जी चिटफंड कंपनी के आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उन्हें पाक साफ बताकर फुर्र करा दिया।
मध्यम और गरीब तबके के लोगों को लोन दिलाने के नाम पर यहां पर यूपी के मुरादाबाद की एक चिटफंड कंपनी की जब कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की तो डीएम ने एसडीएम को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने रुद्रपुर के फाजलपुर महरौला में जाकर मौके पर जब छापा मारा तो वहां चिटफंड कंपनी के सात लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
कोतवाली पहुंचने तक आरोपियों की संख्या मात्र तीन ही रह गई। बाकी कहां गए यह पता नहीं चला। इसके बाद अफसरों के बीच आरोपियों को छुड़ाने और उन्हें पाक साफ दिखाने का खेल शुरू हो गया और पुलिस ने भी सभी आरोपियों को ईमानदार का ठप्पा लगाकर छोड़ दिया। इस खेल में खुफिया विभाग के अफसरों से लेकर पुलिस अधिकारी सहित जिला प्रशासन के अफसरों ने भी अपने ही आला अधिकारियों डीएम और एसएसपी को भी गच्चा दे डाला।
इस मामले की गहराई तक जब डीएम और एसएसपी ने पड़ताल की तो दोनों अफसरों को दाल में काला नजर आया और एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण की जांच काशीपुर एएसपी कमलेश उपाध्याय को सौंप दी। वहीं डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसकी फिर से जांच कराए जाने की योजना बनाई है।