सरकड़ा फाइबर्स कंपनी से हटाए गए वर्करों ने एसडीएम कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और कंपनी द्वारा 24 घंटे के भीतर तनख्वाह न मिलने पर धरने की धमकी दी। इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें कहा गया है कि तत्कालीन एसडीएम द्वारा आरसी काटने के बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन ने तनख्वाह का भुगतान नहीं किया। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को वसूली के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने भुगतान नहीं किया तो कंपनी की कुर्की की जाएगी।
मंगलवार को भाजयुमो जिलाध्यक्ष आदेश ठाकुर के नेतृत्व में श्रमिकों ने एसडीएम कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और एसडीएम एपी बाजपेयी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें वर्करों ने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा करीब 50 कर्मचारियों की तनख्वाह का भुगतान नहीं किया गया। इस संबंध में छह नवंबर को श्रम प्रवर्तन अधिकारी से कार्यवाही की मांग की गई थी। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में वार्ता हुई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। तत्कालीन एसडीएम ने आठ नवंबर को कंपनी के नाम आरसी काट दी और 24 दिसंबर तक वेतन की धनराशि राजस्व विभाग में जमा कराने का समय दिया। लेकिन, आरसी कटने के बाद भी अभी तक वसूली नहीं हुई। तनख्वाह का पैसा न मिलने से वर्करों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
श्रमिकों ने धमकी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को कंपनी से पैसों की वसूली करने को कहा। उन्होंने बताया कि अगर, पैसा जमा नहीं किया तो कंपनी पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहां पर माधव सिंह मेहता, धीरज कुमार झां, पप्पू चौहान, विजेंद्र सिंह यादव, मदन सिंह मेहरा, नंदन सिंह राणा, आशीष विश्वास, विनोद पांडे, गौरव सिंह, राधाकृष्ण, केवल सिंह, सुरेश चंद, चमन सिंह, अरविंद शर्मा, अशोक, राकेश चंद्रा आदि थे।