रुद्रपुर। श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को विभिन्न मजदूर संगठनों ने मई दिवस मनाया।
सिडकुल चौक पर हुई सभा में एक्टू के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड केके बोरा ने कहा कि नए लेबर कोड के जरिए भारत के विशाल मजदूर वर्ग को कॉरपोरेट जंगलराज के हवाले किया जा रहा है। कंपनी मालिकों को सरकार का पूरा संरक्षण हासिल है। आठ घंटे के कार्यदिवस के सार्वभौमिक अधिकार को खत्म कर दिया गया है। काम के घंटों में बढ़ोतरी का मतलब अब ओवरटाइम की मजदूरी नहीं बल्कि अतिरिक्त शोषण है। ट्रेड यूनियन बनाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल कर दिया गया है।
सीएसटीयू के महासचिव कॉमरेड मुकुल ने मजदूर दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव कैलाश भट्ट ने कहा हर इंसानी सभ्यता आजादी से जीना चाहती है लेकिन फासीवादी राज में मजदूर वर्ग को पूंजीपतियों की गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट डीएस मेहता ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मजदूर आंदोलनों का दमन कर रही है। बैंक यूनियन के समीर रॉय, भाकपा(माले) जिला सचिव ललित मटियाली, कार्लोस के शिवदेव सिंह, सीटू जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह, इंटक जिलाध्यक्ष जनार्दन सिंह, एडवोकेट शंकर चक्रवर्ती, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रवींद्र कौर, मंत्री मेटलिक यूनियन के निरंजन लाल ने विचार रखे।
श्रमिक दिवस के महत्व बताया
रुद्रपुर। किच्छा के एक निजी स्कूल में श्रमिक दिवस पर विद्यार्थियों ने हिंदी भाषण के माध्यम से श्रमिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। रंगारंग नृत्य की प्रस्तुति दी। केक काटा गया। मुख्य अतिथि फॉदर जॉनी, फॉदर अलेक्सांडर मोंतेरो ने श्रमिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी देश की प्रगति में श्रमिकों की मेहनत और समर्पण का विशेष स्थान होता है। उप प्रधानाचार्य सिस्टर लूसिया, सिस्टर शिल्वी आदि उपस्थित थे।