काशीपुर। एक समुदाय विशेष की युवती की बरामदगी की मांग को लेकर एनएच पर जाम लगाकर यातायात अवरुद्ध करने और शांति भंग करने के मुकदमे में शिक्षा मंत्री समेत जिले के चार विधायकों व एक पूर्व सांसद समेत 24 के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी तो हुए हैं, लेकिन एक सप्ताह बाद भी मंत्री और विधायकों पर पुलिस हाथ डालने से बच रही है। हालांकि, कोतवाली की जीडी में उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रहीं हैं। इसके लिए बाकायदा सात टीमें गठित की गईं हैं जबकि हकीकत यह है कि पुलिस की मौजूदगी ही ये तीनों ‘माननीय’ आरोपी सोमवार को एक निजी अस्पताल का उद्घाटन कर रहे थे।
बता दें कि जून 2012 में जसपुर में समुदाय विशेष की युवती को दूसरे समुदाय का युवक भगा ले गया था। इस मामले में 26 जून को जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 15 जुलाई 2012 को भाजपा नेताओं और समुदाय विशेष के लोगों ने सुभाष चौक के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया था। इसके चलते शहर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। तत्कालीन एएसपी जेआर जोशी के नेतृत्व में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर जाम खुलवाया था।
तत्कालीन कोतवाल जेसी पाठक की तहरीर पर पूर्व सांसद बलराज पासी, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, आदेश चौहान, खिलेंद्र चौधरी व सीमा चौहान समेत 15 लोगों को नामजद करते हुए अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने एवं धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन एसएसआई भीम भास्कर आर्य ने की।
न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल होने पर आरोपी पक्ष ने 22 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर को चुनौती दी। 26 जुलाई 2019 को सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। सिविल जज (सि.डि)/एसीजेएम न्यायालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। पुलिस ने दो आरोपियों अशोक कुमार व हैप्पी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में वांछित शिक्षा मंत्री व विधायकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारी दबिश देने का दावा कर रहे हैं। कोतवाल जसपुर यूएस दानू के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात टीमें गठित की गई है। उधर, इस मुकदमे में वांछित प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक राजकुमार ठुकराल और हरभजन सिंह चीमा ने सोमवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल का उद्घाटन किया।
प्रदेश सरकार ने वापस ले लिया है जसपुर में एनएच जाम का मुकदमा : पांडेय
काशीपुर। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जसपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एनएच जाम करने का मुकदमा वापस ले लिया है। इसके अलावा कुंडेश्वरी चौकी पर हुए बवाल का मुकदमा भी सीएम त्रिवेंद्र रावत ने वापस लेने की बात कही है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि जसपुर थाने में 15 जुलाई 2012 को दर्ज कराए गए मुकदमे की प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका निरस्त कर दी थी। इस पर उन्होंने देहरादून में इस मुकदमे को लेकर सीएम त्रिवेंद्र रावत से चर्चा की। उन्होंने सीएम को बताया कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दबाव में उन समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उन्होंने कुंडेश्वरी चौकी प्रकरण पर भी सीएम को पीड़ित पक्ष की व्यथा सुनाई।
शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि एक सप्ताह पूर्व सीएम ने जसपुर थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ वर्ष 2012 में दर्ज कराया गया केस वापस लेने के आदेश पारित कर दिए हैं। वहीं, कुंडेश्वरी चौकी प्रकरण में दर्ज मुकदमे को वापस लेने पर भी सीएम ने अपनी सहमति दी है। साथ ही शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वह कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। अगर किन्हीं परिस्थितियों वश उन्हें जमानत करानी पड़ी तो वह इसके लिए भी तैयार हैं।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी भी मंजूर
काशीपुर। जसपुर में एनएच पर यातायात अवरुद्ध करने और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग कर उन्माद फैलाने के आरोप में तीन दिन पूर्व गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई। इस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद जसपुर पुलिस ने 31 अगस्त को ग्राम मनोरथपुर निवासी हरप्रीत सिंह हैप्पी और पतरामपुर निवासी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को सिविल जज (सि.डि)/एसीजेएम कोर्ट में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सोमवार को आरोपियों के अधिवक्ता मनोज जोशी एडवोकेट व विपिन नारंग ने उनके जमानती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली।
कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की नीति के चलते वर्ष 2012 में जसपुर थाने में भाजपा के विधायकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। यह आंदोलन पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए था। पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए यदि उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वह तैयार हैं। - राजकुमार ठुकराल, विधायक, रुद्रपुर।
एनएच जाम करने के पीछे मेरी कोई गलत मंशा नहीं थी। बहन-बेटियों का सम्मान बचाने के लिए मैंने इस प्रदर्शन में भाग लिया था। मैं नैतिक रूप से कानून का पालन करने को बाध्य हूं। अदालत का हर आदेश शिरोधार्य किया जाएगा। - हरभजन सिंह चीमा, विधायक काशीपुर।
वर्ष 2012 में मेरे समेत अन्य के खिलाफ एनएच बाधित करने और भड़काऊ भाषण देने के मामले में विचाराधीन मुकदमा वापस लेने के आदेश शासन स्तर पर जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश की प्रति डीएम कार्यालय को प्राप्त हो चुकी है। - आदेश चौहान, विधायक, जसपुर।