रुद्रपुर। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बुधवार को दो कर्मचारियों से हुई लूट ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाश मुंह पर गमछा बांधकर और हथियार लेकर ट्रेन में चढ़े थे जिससे सीसीटीवी में उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी पुलिस अधीक्षक की ओर से पांच टीमों का गठन किया गया है।
रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी स्थित जपनीत ऑटो के दो कर्मचारी रितिक मंडल, साहिब सिंह ऑटोमोबाइल का सामान लेने के लिए दिल्ली जाने के लिए रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बैठे थे। दोनों कर्मचारियों ने ढाई लाख रुपये की नकदी को सुरक्षा के लिहाज से अपनी कमर में बेल्ट के जरिए बांध रखा था।
बिलासपुर से पहले जैसे ही ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई तभी ट्रेन में सवार बदमाश उनके पास आए और मौका मिलते ही उन्हें घेर लिया और तमंचा व पिस्टल के बल पर नकदी लूट ली। इसके बाद बदमाश हवाई फायरिंग करके ट्रेन से कूदकर भाग गए।
जीआरपी की दो टीम मामले की जांच में जुटी हैं। सीसीटीवी में भी कुछ संदिग्ध दिखे हैं लेकिन उन्होंने अपने चेहरे गमछे से बांध रखे हैं। इससे उनकी पहचान करना जीआरपी के लिए चुनौती बन गया है।
पुलिस अधीक्षक जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि रुद्रपुर से ही बदमाश ट्रेन में चढ़े थे और कुछ सीसीटीवी में उनकी पीठ दिख रही है और कुछ में उनके चेहरे गमछे से बंधे दिख रहे हैं। इसके कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं।
इनमें जीआरपी मुरादाबाद, जीआरपी रामपुर और बिलासपुर, आरपीएफ और क्राइम की टीम शामिल हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से लेकर घटनास्थल तक टीम बारीकी से मामले की जांच कर रही है। बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खुद को बताया था पुलिस लेकिन नहीं पहनी थी वर्दी
बताया जा रहा है जब बदमाश कर्मचारियों के पास आए तो लोगों ने हस्तक्षेप किया था। इस पर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया लेकिन उन्होंने वर्दी नहीं पहनी थी। सवाल उठता है कि ट्रेन के उस डिब्बे में बैठे किसी भी यात्री को उनपर शक नहीं हुआ? और एक्सप्रेस ट्रेनों में सुरक्षा के लिए आरपीएफ/जीआरपी के जवान रहते हैं तो फिर उस समय वह कहां थे।
तमंचे के डर के आगे किसी ने नहीं खींची चेन?
लूट की वारदात वाले डिब्बे में बदमाशों के डर से यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींचने की जहमत नहीं उठाई। यदि ऐसा किया जाता तो बदमाशों को पकड़ने में जीआरपी को मशक्कत नहीं करनी पड़ती।
लूट प्रकरण से नजर आ रही षड्यंत्र की साजिश
लूट के इस प्रकरण से बड़े षड्यंत्र की साजिश नजर आ रही है। सवाल उठ रहे हैं जब बदमाशों के पास तमंचा और पिस्टल थी तो उन्होंने सिर्फ दो कर्मचारियों को ही निशाना क्यों बनाया। क्या यह एक बड़ी साजिश है जो रुद्रपुर से ही रची गई थी। इसे लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।