रुद्रपुर। पुलिस ने चार दिन पहले एक घर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादी को ही गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी हुई ज्वैलरी बरामद कर ली गई है। आरोपी ने ऑनलाइन गेम की लत में हुए कर्ज को उतारने के लिए चोरी को अंजाम दिया था। चोरी होने पर उसने खूब शोर मचाने के साथ ही पुलिस गश्त पर भी सवाल उठाए थे।
शाहजहांपुर के ग्राम गदियाना निवासी अभिषेक कुमार ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा था कि वह इंदिरा काॅलोनी गली नंबर चार में श्याम कृष्ण शर्मा के मकान में किराये पर रहता है। 31 मार्च को उसने अपने पिता विनोद कुमार का काशीपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया था। एक अप्रैल की दोपहर वह मां शांति देवी के साथ अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेने अस्पताल गया था। वहां से लौटने पर घर का ताला टूटा मिला। घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए थे।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले में केस दर्ज करने के बाद विवेचक होशियार सिंह ने आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ ही सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। इसमें पाया गया कि घटना वाले दिन मां को अस्पताल छोड़कर अभिषेक बाइक से कमरे में आया था। वह 11 बजकर तीन मिनट पर घर आने के बाद 11 बजकर 19 मिनट पर वापस चला गया था। पौन घंटे बाद वह मां के साथ घर लौटा। घर का ताला टूटा नहीं था बल्कि खोला गया था। उसमें कोई नई चोट के निशान भी नहीं थे।
शक होने पर अभिषेक से सख्ती से पूछताछ की गई। अभिषेक ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी है। गेम खेलने के दौरान उस पर 90 हजार रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपने घर पर चोरी का प्लान बनाया था। उसने मां और बहन के जेवर चुराकर बाइक के टूल बॉक्स में छिपा दिया था। 22 मार्च को उसने मंगलसूत्र और एक अंगूठी को इंदिरा काॅलोनी में बजरंग ज्वैलर्स के पास 30 हजार रुपये में गिरवी रखा था। पुलिस ने बाइक के टूल बॉक्स से छिपाई ज्वैलरी बरामद की है। अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
बेटे की हरकत से सकते में परिजन
अभिषेक माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। वह हाईस्कूल तक पढ़ा है और कोई काम नहीं करता है। उसने पड़ोसी के बेटे को भी फंसाने की कोशिश की थी। अपने घर पर की चोरी को उसने शातिराना अंदाज में ऐसे अंजाम दिया कि पुलिस भी घूमती रही।
ज्वैलर्स पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने ज्वैलर्स के पास 30 हजार रुपये ज्वैलरी गिरवी रखी थी। उसको पहचानने के बावजूद ज्वैलर्स ने उसे किसी दूसरे के नाम की पर्ची दी थी। पुलिस इस प्रकरण में ज्वैलर्स की भूमिका की भी जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।