क्षेत्र में कई जगह झूलती लाइनें हादसों को दावत दे रही हैं। विद्युत कर्मी लाइनों को ठीक नहीं करते और जब हादसा घटता है तो उनकी नींद टूटती है। डेढ़ महीने पहले ही पोल में करंट आने से एक महिला ने जान गंवाई थी। एसडीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक कर झूलती लाइनों को ठीक करने के लिए एक महीने की मोहलत दी थी। लेकिन कई जगहों पर विद्युत लाइनें झूल रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में जहां नई कालोनियां बसी हैं, वहां बिजली की लाइनें व्यवस्थित नहीं है। तीन-तीन लाइनें एक दूसरे को क्रास कर रही हैं। कई जगहों पर कालोनियों का जाल बन गया है। वहीं शहर में कई जगहों पर लाइनें काफी नीची हैं। स्टेडियम रोड, नई बस्ती, कटोराताल सहित अनेक जगहों पर या तो लाइनें नीची हैं या घरों बगल से होकर गुजर रही हैं। करीब दो महीने में करंट लगने से एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक बच्चा बुरी तरह से झुलस चुका है।
बीते 5 अगस्त को एसडीएम ने विद्युत अधिकारियों के साथ बैठक कर झूलते तारों को ठीक करने के लिए एक महीने का समय दिया था और उसके बाद हादसा होने पर कार्यवाही की चेतावनी दी थी। विभागीय अधिकारियों ने कई जगहों पर झूलते तार ठीक तो किए मगर कई जगहों पर आज भी तार हादसों को दावत दे रहे हैं।
काशीपुर। एसडीओ शहर सुनील कुमार ने बताया कि कई जगहों पर झूलते तारों को ठीक कराया गया है। जहां तार झूल रहे हैं, उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। एसडीओ ग्रामीण प्रकाश शाह ने कहा कि बिजली लाइनें कालोनियां कटने से पहले की है। एक साथ सभी लाइनों को बदल कर एक रूट पर लाना असंभव है। लेकिन जिन लाइनों के तार ढीले है उनको कसा जाएगा।