अस्पताल प्रबंधन का बयान
गेट के अंदर से ही अस्पताल के मैनेजर रोहित कपूर ने लोगों से बात कर कहा कि पुलिस तहकीकात कर रही है। अस्पताल की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। प्रबंधन पर किसी भी तरह की लापरवाही के आरोप को उन्होंने खारिज कर दिया। कहा कि गुमशुदगी के बाद से ही अस्पताल की ओर से पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस के समझाने पर परिजन शव लेकर वहां से चले गए।
पुलिस से परिजनों की हुई तकरार
निजी अस्पताल पर हंगामा कर रहे परिजनों और लोगों को पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की। इस दौरान दोनों के बीच नोकझोंक भी हो गई। गुस्साए परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद मामले को हल्के में लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने किसी तरह उनको समझा बुझाकर शांत किया। परिजनोें का कहना है कि मृतका के पास दो मोबाइल थे और दोनों गायब हैं।
सात भाई बहनों में सबसे बड़ी थी तस्लीम
यासमीन ने बताया कि उनकी बहन की शादी वर्ष 2013 में हुई थी। कुछ साल बाद उनका तलाक हो गया था। यासमीन की एक बेटी है, जो चौथी कक्षा में पढ़ती है। तस्लीम सात भाई और बहनों में सबसे बड़ी थी। कहना है कि बहन की हत्या की गई है।
हाथ और पैरों के पंजे थे गायब
यासमीन का शव बेहद बुरी स्थिति में बरामद हुआ था। उसके हाथ और पैरों के पंजे गायब थे। कमर से नीचे का हिस्सा पूरा हिस्सा सड़ गया था। सिर पर मांस का एक लोथड़ा तक नहीं था। एक हाथ पर बची खाल में लाल और काले धब्बे बने हुए थे। माना जा रहा है कि हत्या करने के बाद शव पर पहचान मिटाने के लिए कैमिकल डाला गया है। परिजनों ने भी उसकी बेहरमी से हत्या की आशंका जताई है।
लापता महिला का संदिग्ध हालत में सड़ा गला शव मिला था और यूपी की बिलासपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सही वजह सामने आएगी। महिला की गुमशुदगी रुद्रपुर कोतवाली में दर्ज थी, लिहाजा इस मामले की जांच के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही इस घटना से पर्दा उठाया जाएगा। इस घटना की जांच में सीमा विवाद का कोई विषय नहीं है।
- मनोज कत्याल, एसपी सिटी।