पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने कहा कि तराई पूर्वी वन प्रभाग गदगदिया बीट क्षेत्र में जंगलात टीम पर हमला करने वालों की पहचान हो चुकी है। हमलावर वन तस्कर केलाखेड़ा थानाक्षेत्र के गांव थापकनगला क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी वन तस्करों पर विभाग की तरफ से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीते मंगलवार को गदगदिया रेंज में वन तस्करों ने वन विभाग के गश्ती दल पर हमला कर दिया था। वन तस्करों ने करीब 22 राउंड फायर किए थे। बचाव में वन विभाग टीम ने भी दो राउंड फायर किए थे। इसी घटना को लेकर बृहस्पतिवार को पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डॉ. भार्गव ने वन विभाग टीम के साथ घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।
डॉ. भार्गव ने कहा कि वन तस्करों ने जंगलात टीम को टारगेट कर हमला किया है। जो निंदनीय है। विभाग आरोपी वन तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों की सामने आ रही समस्या को भी सुना। वहां तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के डीएफओ उमेश तिवारी, रेंजर गदगदिया प्रदीप असगोला आदि स्टाफ मौजूद रहा।
आखिर वन तस्करों के पास कहां से आ रहे हथियार
बेखौफ वन तस्कर जंगलात टीम पर आए दिन फायरिंग कर हमला कर रहे हैं। ग्रामीणों में चर्चा है कि आखिर वन तस्करों को अवैध हथियार और कारतूस कहां से उपलब्ध हो रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर जंगलात टीम पर लगातार वन तस्करों ने तीन हमले कर दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि वन तस्करों को शस्त्र हथियार और कारतूस कौन सप्लाई कर रहा है? पुलिस प्रशासन को इस तरफ भी नजर रखनी चाहिए। केलाखेड़ा क्षेत्र उत्तर प्रदेश सीमा से सटा है। अवैध हथियार यूपी क्षेत्र से आने की संभावना जताई जा रही है। करीब दो साल पहले गदरपुर क्षेत्र में यूपी सीमा से सटे जंगल में अवैध असलहा की फैक्टरी पकड़ी गई थी।