काशीपुर। उत्तराखंड में गर्मी का प्रकोप अब केवल दोपहर की झुलसाती धूप तक सीमित नहीं रह गया बल्कि रात की उमस ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा हुआ है।
काशीपुर के सरकारी अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो हफ्तों के भीतर डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। अस्पताल में रोजाना औसतन 30 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
रात का तापमान भी बढ़ा रहा है मुश्किलें
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमरजीत साहनी ने बताया कि इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक हैं। दिन के समय चल रही तेज लू लोगों को झुलसा रही है, तो वहीं रात का बढ़ता तापमान और उमस शरीर को ठंडा नहीं होने दे रहे। उमस के कारण पंखे और कूलर भी फेल साबित हो रहे हैं, जिससे लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि लोग तेजी से डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। डॉ. साहनी ने आगे बताया कि अस्पताल प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मरीजों के लिए सभी जरूरी इंतजाम व दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं और उनका बेहतर उपचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह : डिहाइड्रेशन से ऐसे बचें
अस्पताल के डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे गर्मी के इस मौसम में अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें और निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- प्यास लगने का इंतजार न करें, दिनभर भोजन के समय और बीच-बीच में पानी पीते रहें।
- सादे पानी के अलावा नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) के घोल का नियमित इस्तेमाल करें।
- अपने आहार में तरबूज, खरबूजा, संतरा, खीरा और ककड़ी जैसी चीजें शामिल करें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
- दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और बाहर जाते समय सिर व चेहरा ढककर रखें।