रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज का संचालन आने वाले समय में बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कारण कॉलेज में अब भी 400 से अधिक पद रिक्त हैं। फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी ने न केवल शैक्षणिक व्यवस्था बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा अधीक्षक सहित कुल 945 पदों पर नियुक्ति होनी है। इनमें से अभी तक 545 पद खाली। कॉलेज में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और प्रशासनिक पदों सहित बड़ी संख्या में पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते कई विभाग सीमित संसाधनों के सहारे संचालित हो रहे हैं। कई जगहों पर एक ही डॉक्टर को ओपीडी, वार्ड और आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है।
- एनएमसी के अनुसार होगी तमाम पदों पर नियुक्ति
पद सृजित पद कुल कार्यरत
प्राचार्य 1 1
चिकित्सा अधीक्षक 1 0
वित्त नियंत्रक 1 0
प्रोफेसर 22 5
एसोसिएट प्रोफेसर 27 1
असिस्टेंट प्रोफेसर 41 5
सीनियर रेजिडेंट 26 1
जूनियर रेजिडेंट 64 27
एलएमओ 6 0
नर्सिंग संवर्ग 359 258
फार्मेसी संवर्ग 4 0
मेडिकल सोशल वर्कर संवर्ग 11 10
लाइब्रेरी संवर्ग 12 0
टैक्नीशियन संवर्ग 67 39
पैरामेडिकल स्टॉफ 65 0
आशुलिपिक संवर्ग 65 0
लिपिक संवर्ग 42 6
ग संवर्ग 62 0
समूह घ संवर्ग 132 47
शासन को भेजी गई मांग
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि रिक्त पदों की जानकारी शासन को भेज दी गई है और भर्ती प्रक्रिया के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक एक हफ्ते में एक प्रोफेसर, तीन असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा एक सीनियर रेजिडेंट की भी नियुक्ति हो गई है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार कॉलेज में डॉक्टरों की तैनाती को लेकर शासन स्तर पर लगातार पत्राचार और वार्ता चल रही है।
कॉलेज में डॅाक्टरों की तैनाती को लेकर लगातार हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं । शासन की ओर से भी डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की नियुक्ति को लेकर योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इस कमी को पूरा कर लिया जाएगा। - डा. जीएस तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज